.रामपायली में पुलिस–विद्यालय की संयुक्त पहल, छात्राओं ने ली नशामुक्त समाज बनाने की शपथ।

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       प्रहलाद गजभिये (जिला ब्युरो)

रामपायली (बालाघाट)

मध्यप्रदेश शासन के “नशे से दूरी है ज़रूरी 2.0” अभियान के तहत रामपायली के शासकीय कन्या उच्च माध्यमिक विद्यालय में

नशामुक्ति जनजागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। पुलिस विभाग और विद्यालय प्रशासन की संयुक्त पहल से आयोजित इस कार्यक्रम में छात्राओं ने नशे से दूर रहने तथा समाज को जागरूक करने का संकल्प लिया।

कार्यक्रम का आयोजन थाना प्रभारी विनोद यादव के नेतृत्व में किया गया। इस दौरान उप निरीक्षक कलशराम उइके सहित थाना रामपायली का पुलिस बल उपस्थित रहा। विद्यालय की प्राचार्य मंजुषा ठाकुर ने अतिथियों का स्वागत करते हुए कहा कि नशा केवल व्यक्ति ही नहीं, बल्कि पूरे परिवार और समाज के भविष्य को प्रभावित करता है। उन्होंने विद्यार्थियों से नशामुक्ति का संदेश घर-घर तक पहुंचाने का आह्वान किया।शिक्षिका भावना पटले ने छात्राओं एवं शिक्षकों को नशामुक्ति की शपथ दिलाई। सैकड़ों छात्राओं ने एक साथ हाथ उठाकर स्वयं नशे से दूर रहने और दूसरों को भी इसके प्रति जागरूक करने का संकल्प लिया।

उप निरीक्षक कलशराम उइके ने छात्राओं को संबोधित करते हुए कहा कि नशा युवाओं की प्रतिभा, स्वास्थ्य और भविष्य को नष्ट करता है। उन्होंने विद्यार्थियों से अपील की कि वे स्वयं जागरूक बनें और समाज में नशे के खिलाफ सकारात्मक माहौल तैयार करें। उन्होंने यह भी कहा कि पुलिस का उद्देश्य केवल कानून लागू करना नहीं, बल्कि जनजागरूकता के माध्यम से समाज को सुरक्षित बनाना भी है।
कार्यक्रम में सहायक उप निरीक्षक तरुण सोनेकर, आरक्षक नागेश बघेल, रानू चौधरी, रजनी रजक एवं आर. नरोत्तम ने शराब, तंबाकू, गुटखा, सिगरेट तथा अन्य मादक पदार्थों के दुष्परिणामों की जानकारी देते हुए बताया कि नशा अपराध, सड़क दुर्घटनाओं, घरेलू हिंसा और सामाजिक विघटन जैसी गंभीर समस्याओं को जन्म देता है।
कार्यक्रम के दौरान छात्राओं को नशे के मानसिक, शारीरिक, आर्थिक और सामाजिक दुष्प्रभावों से अवगत कराया गया। उन्हें स्वस्थ, सुरक्षित और सफल जीवन के लिए नशे से दूर रहने की प्रेरणा दी गई।
उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा प्रारंभ किए गए “नशे से दूरी है ज़रूरी 2.0” अभियान का उद्देश्य वर्ष 2029 तक नशामुक्त मध्यप्रदेश और नशामुक्त भारत के संकल्प को जनभागीदारी के माध्यम से साकार करना है। इसी उद्देश्य के तहत प्रदेशभर में विद्यालयों, महाविद्यालयों और विभिन्न संस्थानों में जनजागरूकता गतिविधियां आयोजित की जा रही हैं।
रामपायली का यह आयोजन इस अभियान की प्रभावी कड़ी साबित हुआ, जिसने यह संदेश दिया कि नशामुक्त समाज का निर्माण तभी संभव है, जब पुलिस, विद्यालय, परिवार और समाज मिलकर इस जनआंदोलन को मजबूत बनाएं।

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