बालाघाट।
केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना 3.0 के क्रियान्वयन में गंभीर लापरवाही सामने आने पर जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। अपर कलेक्टर न्यायालय, बालाघाट ने पात्र महिला हितग्राहियों को योजना का लाभ नहीं देने और सीएम हेल्पलाइन शिकायतों का समय पर निराकरण नहीं करने के मामलों में तेल कंपनियों के अधिकारियों एवं गैस एजेंसियों सहित 8 जिम्मेदारों को कारण बताओ नोटिस जारी किए हैं।
अपर कलेक्टर न्यायालय ने स्पष्ट किया है कि पात्र महिलाओं को “पहले आओ, पहले पाओ” के आधार पर निःशुल्क गैस कनेक्शन उपलब्ध न कराना एलपीजी (प्रदाय एवं वितरण विनियमन) आदेश 2000 तथा आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 की धारा 3/7 के तहत दंडनीय अपराध है।
इन अधिकारियों एवं एजेंसियों को जारी हुआ नोटिस
- इंडियन ऑयल एलपीजी – एरिया सेल्स ऑफिसर अबीर मित्तल
- एचपीसीएल एलपीजी – एरिया सेल्स ऑफिसर विशनचंद मुदडा
- कटंगी: रतनशीला इंडेन गैस एजेंसी – शैलेन्द्र मड़ावी
- वारासिवनी: श्री मां इंडेन गैस एजेंसी – लता रामसिंग पटेल
- उक्त एजेंसी प्रबंधक – संकल्प रामसिंग पटेल
- खैरलांजी (मिरगपुर): श्री मां इंडेन गैस एजेंसी – अर्चना दुर्गाप्रसाद देशमुख
- कटंगी (ग्राम जाम): श्रीमाता एचपी ग्रामीण वितरक – महेन्द्र प्रतापसिंह पटले
- खैरलांजी: हरीश होम एवं बीपीसीएल गैस एजेंसी – टूनेश ओछानी
जवाब नहीं तो एकपक्षीय कठोर कार्रवाई
न्यायालय ने सभी संबंधितों को निर्धारित समय-सीमा में लिखित जवाब देने और व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होने के निर्देश दिए हैं। प्रशासन ने साफ किया है कि संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर एकपक्षीय कठोर दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।
👉 इस कार्रवाई से प्रशासन का स्पष्ट संदेश है कि उज्ज्वला जैसी जनकल्याणकारी योजनाओं में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और पात्र महिलाओं को समय पर लाभ दिलाना सर्वोच्च प्राथमिकता है।
