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जब मेडिकल मान्यता नहीं, तो एलोपैथिक डिप्लोमा और परीक्षा कैसे? CMS & Surgery पर सवाल




CMS & Surgery पाठ्यक्रम को लेकर मान्यता, सिलेबस और परीक्षाओं पर उठे सवाल

प्रशासनिक आदेशों और नियामक संस्थाओं की स्थिति के बीच असमंजस

छिंदवाड़ा | विशेष खोजी रिपोर्ट

डिप्लोमा इन कम्युनिटी मेडिकल सर्विसेज़ एंड सर्जरी (CMS & Surgery) नामक पाठ्यक्रम को लेकर चल रही चर्चा अब केवल प्रचार सामग्री या सिलेबस तक सीमित नहीं रह गई है। उपलब्ध दस्तावेज़ों के अनुसार दिसंबर 2025 में इस पाठ्यक्रम की परीक्षाएँ भी आयोजित की गईं, जिनके लिए स्थानीय प्रशासन द्वारा कानून-व्यवस्था एवं सुरक्षा से जुड़े आदेश जारी किए गए थे।

यह स्थिति ऐसे समय सामने आई है, जब देश की शीर्ष नियामक संस्थाएँ इस पाठ्यक्रम को एलोपैथिक मेडिकल डिग्री या मान्यता प्राप्त मेडिकल योग्यता के रूप में स्वीकार नहीं करतीं।

मामला क्या है

CMS & Surgery नामक पाठ्यक्रम से जुड़े संस्थानों की प्रचार सामग्री और सिलेबस दस्तावेज़ों में इसे “Allopathic Diploma” और “Medical Course” के रूप में प्रस्तुत किया गया है। उपलब्ध सिलेबस में MBBS स्तर के विषयों का उल्लेख किया गया है। वहीं प्रशासनिक आदेशों से यह भी स्पष्ट होता है कि इस पाठ्यक्रम की परीक्षाएँ निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार आयोजित की गईं।

अब तक सामने आए प्रमुख दस्तावेज़ और तथ्य

आयोग की ओर से उपलब्ध उत्तर/स्पष्टीकरण के अनुसार CMS & Surgery को किसी भी प्रकार की मान्यता प्राप्त मेडिकल या एलोपैथिक योग्यता नहीं माना गया है।


आयोग के स्पष्टीकरण में कहा गया है कि डिप्लोमा अथवा सर्टिफिकेट कोर्स मेडिकल डिग्री नहीं होते और उनसे पेशेवर चिकित्सा अभ्यास का अधिकार प्राप्त नहीं होता।


3. संबंधित फाउंडेशन/संस्थानों की प्रचार सामग्री, जिनमें “Allopathic Diploma” और “Medical Course” जैसे शब्दों का उपयोग किया गया है।


4. एनरोलमेंट एवं एफिलिएशन से जुड़े दस्तावेज़, जिनमें नियमित, ऑनलाइन एवं डिस्टेंस मोड में अध्ययन का उल्लेख है।


5. “SYLLABUS NEW UPDATE.pdf” नामक दस्तावेज़, जिसमें CMS & Surgery को “Two Year Allopathic Diploma Course” बताया गया है और उसमें MBBS-स्तर के विषय शामिल दर्शाए गए हैं।


6. अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व), परासिया द्वारा जारी प्रशासनिक आदेश, जिनके अनुसार दिसंबर 2025 में CMS & Surgery पाठ्यक्रम की परीक्षाओं के लिए सुरक्षा एवं प्रशासनिक सहयोग के निर्देश दिए गए।


दिसंबर 2025 की परीक्षा और प्रशासनिक आदेश

प्रशासनिक आदेशों के अनुसार CMS & Surgery के प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय सेमेस्टर की परीक्षाएँ दिसंबर 2025 में आयोजित की गईं। परीक्षा केंद्र के रूप में परासिया स्थित अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान शिक्षा संस्थान एवं परासिया पब्लिक स्कूल निर्धारित किए गए थे।

आदेश में परीक्षा के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने, सुरक्षा, अनुशासन एवं परीक्षा सामग्री की सुरक्षा सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
थाना प्रभारी परासिया को पुलिस बल की तैनाती और भीड़ नियंत्रण की जिम्मेदारी दी गई, जबकि विकासखंड शिक्षा अधिकारी को परीक्षा केंद्रों की व्यवस्थाओं की निगरानी सौंपी गई।
वहीं आर्यवत आयुर्विज्ञान शिक्षा विज्ञान परिषद संघ (AMESCAI) को परीक्षा संचालन, सीसीटीवी निगरानी और समय-सारणी से जुड़ी व्यवस्थाएँ सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।

जारी सिलेबस क्या संकेत देता है

उपलब्ध सिलेबस दस्तावेज़ों के अनुसार यह पाठ्यक्रम चार सेमेस्टर में विभाजित है, जिसमें Anatomy, Physiology, Biochemistry, Pathology, Pharmacology, General Medicine, General Surgery, Obstetrics & Gynecology, Pediatrics, Orthopaedics, ENT, Ophthalmology, Radiology, Anaesthesiology, Psychiatry, Dermatology एवं यौन संचारित रोग जैसे विषय शामिल दर्शाए गए हैं।

प्रत्येक विषय में थ्योरी और प्रैक्टिकल परीक्षा का उल्लेख किया गया है, जिससे पाठ्यक्रम की संरचना पूर्ण एलोपैथिक मेडिकल प्रशिक्षण जैसी प्रतीत होती है।

नियामक संस्थाओं की स्थिति

उपलब्ध दस्तावेज़ों के अनुसार National Medical Commission की स्थिति यह है कि CMS & Surgery को मान्यता प्राप्त मेडिकल या एलोपैथिक योग्यता नहीं माना गया है।
वहीं University Grants Commission के अनुसार डिप्लोमा कोर्स को मेडिकल डिग्री के समकक्ष नहीं माना जाता और उनसे चिकित्सा अभ्यास का अधिकार प्राप्त नहीं होता।

अब उठते हैं ये सवाल

जब राष्ट्रीय नियामक संस्थाएँ इस पाठ्यक्रम को मान्यता प्राप्त एलोपैथिक योग्यता नहीं मानतीं, तो एलोपैथिक सिलेबस किस आधार पर पढ़ाया जा रहा है?

MBBS-स्तर के विषयों की परीक्षाएँ किस वैधानिक अधिकार के तहत आयोजित की गईं?

क्या छात्रों को स्पष्ट रूप से बताया गया है कि यह पाठ्यक्रम MBBS या मान्यता प्राप्त मेडिकल डिग्री के समकक्ष नहीं है?

और सबसे महत्वपूर्ण, ऐसे पाठ्यक्रम की परीक्षाओं के लिए प्रशासनिक सहयोग और सुरक्षा व्यवस्था किन परिस्थितियों में प्रदान की गई?


कानूनी और जन-स्वास्थ्य का पहलू

कानूनी एवं स्वास्थ्य क्षेत्र के विशेषज्ञों के अनुसार, बिना मान्यता प्राप्त मेडिकल योग्यता के एलोपैथिक शिक्षा एवं परीक्षाओं से जुड़ी गतिविधियाँ National Medical Commission Act, 2019 की भावना के अनुरूप नहीं मानी जा सकतीं।
यदि ऐसे पाठ्यक्रम से जुड़े प्रशिक्षु उपचार या सर्जरी जैसे कार्य करते हैं, तो यह जन-स्वास्थ्य से जुड़े जोखिम पैदा कर सकता है।


निष्कर्ष

एक ओर नियामक संस्थाओं की स्थिति स्पष्ट है कि CMS & Surgery कोई मान्यता प्राप्त एलोपैथिक मेडिकल योग्यता नहीं है।
दूसरी ओर प्रचार सामग्री में “Allopathic Diploma” का दावा, MBBS-जैसा सिलेबस, नियमित परीक्षाएँ और उनके लिए प्रशासनिक आदेश सामने आते हैं।

ऐसे में आवश्यक हो जाता है कि शासन एवं संबंधित नियामक एजेंसियाँ इस पूरे मामले पर स्पष्ट स्थिति रखें, ताकि छात्र, अभिभावक और समाज किसी भ्रम या संभावित जोखिम का शिकार न हों।


संस्था का पक्ष

इस विषय में संबंधित संस्था/फाउंडेशन का पक्ष जानने का प्रयास किया गया। समाचार लिखे जाने तक उनका कोई लिखित जवाब प्राप्त नहीं हो सका। जवाब प्राप्त होने पर उसे भी प्रकाशित किया जाएगा।


Disclaimer

This report is based on available documents, administrative orders, and public clarifications from regulatory bodies. Its purpose is not to blame any organization or individual, but to present facts of public interest.

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