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आदिवासी विकास विभाग में अनियमितताओं के आरोप, मुख्य सचिव से जांच की मांग

संयुक्त क्रांति पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष किशोर समरीते ने लिखा पत्र
बालाघाट। संयुक्त क्रांति पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व विधायक किशोर समरीते ने मध्यप्रदेश के आदिवासी विकास विभाग में कथित वित्तीय अनियमितताओं के आरोप लगाते हुए मुख्य सचिव अनुराग जैन को पत्र लिखकर मामले की जांच कराने की मांग की है।

अपने शिकायती पत्र में श्री समरीते ने दावा किया है कि प्रदेश के आयुक्त आदिवासी विकास एवं सहायक आयुक्त आदिवासी विकास कार्यालयों में GeM (गवर्नमेंट ई-मार्केटप्लेस) पोर्टल के माध्यम से की गई सामग्री खरीदी में गंभीर अनियमितताएं हुई हैं। उन्होंने पत्र में बालाघाट, मंडला, सिवनी, खंडवा, छिंदवाड़ा, बैतूल, अलीराजपुर एवं झाबुआ जिलों का उल्लेख करते हुए वहां खरीदी प्रक्रिया की जांच की आवश्यकता बताई है।
श्री समरीते ने यह भी आरोप लगाया है कि सहायक आयुक्त आदिवासी विकास कार्यालय बालाघाट में GeM पोर्टल के माध्यम से रोटी बनाने की मशीन की खरीदी में नियमों का पालन नहीं किया गया। इस संबंध में उन्होंने संबंधित दस्तावेज शिकायत पत्र के साथ संलग्न किए हैं।
इसके अलावा, उन्होंने अपने पत्र में उल्लेख किया है कि वर्ष 2022 से प्रदेश के आदिम जाति कल्याण विभाग के अंतर्गत सौर ऊर्जा से चलने वाले वॉटर हीटर स्थापित करने हेतु लगभग 200 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया, जो विभिन्न जिलों के सहायक आयुक्तों को आवंटित किया गया। उनका दावा है कि इसके बावजूद कई छात्रावासों में सोलर वॉटर हीटर स्थापित नहीं किए गए हैं, जिससे विद्यार्थियों को ठंडे पानी का उपयोग करना पड़ रहा है।
श्री समरीते ने बालाघाट जिले सहित प्रदेश के सभी 55 जिलों में विभाग द्वारा की गई खरीदी एवं कार्यों की विस्तृत एवं निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है।
डिस्क्लेमर:
यह समाचार शिकायत पत्र एवं लगाए गए आरोपों पर आधारित है। संबंधित विभागीय जांच एवं आधिकारिक प्रतिक्रिया के बाद ही वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

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