RNI MPHIN/2020/79363

Image
  • Home
  • Madhya Pradesh
  • वसूली से इंकार पर सिंचाई परियोजना में आगजनी! 55 गांवों के 12 हजार किसानों का भविष्य दांव पर।

वसूली से इंकार पर सिंचाई परियोजना में आगजनी! 55 गांवों के 12 हजार किसानों का भविष्य दांव पर।

बालाघाट

परसवाड़ा विधान सभा क्षेत्र अन्तर्गत राघोटोला मुरझड़  प्रतापपुर पंचायत में प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना के तहत स्थापित माइक्रो इरिगेशन परियोजना में आगजनी की सनसनीखेज घटना ने पूरे जिले को झकझोर दिया है।

यह परियोजना 55 गांवों के लगभग 12 हजार किसानों तक सिंचाई सुविधा पहुंचाने के उद्देश्य से तैयार की जा रही थी। घटना में करोड़ों रुपये की शासकीय सामग्री और मशीनरी जलकर नष्ट होने का दावा किया जा रहा है।

प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, घटना के पीछे कथित रूप से वसूली की मांग और उसके विरोध का मामला सामने आया है। परियोजना स्थल पर तैनात सुरक्षा गार्ड सुनील बघेल ने आरोप लगाया है कि कुछ लोगों ने पहले अधिकारियों से पैसों की मांग की और मना किए जाने पर प्लांट में आग लगा दी। गार्ड का यह भी आरोप है कि उसे डीजल डालकर जिंदा जलाने का प्रयास किया गया, हालांकि वह किसी तरह अपनी जान बचाने में सफल रहा।
घटना की सूचना मिलते ही प्रशासन और पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे। आग बुझाने के प्रयास किए गए, लेकिन तब तक परियोजना परिसर में रखी पाइपलाइन, मशीनरी और अन्य सामग्री काफी हद तक जल चुकी थी। प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि सभी पहलुओं की जांच की जा रही है और आरोपियों की गिरफ्तारी के प्रयास जारी हैं।
यह परियोजना अपने अंतिम चरण में थी और शीघ्र ही किसानों को सिंचाई सुविधा मिलने की उम्मीद थी। ऐसे में आगजनी की इस घटना से न केवल करोड़ों रुपये की सार्वजनिक संपत्ति का नुकसान हुआ है, बल्कि हजारों किसानों की उम्मीदों को भी गहरा झटका लगा है। यदि परियोजना का कार्य दोबारा शुरू करना पड़ा तो किसानों को सिंचाई सुविधा मिलने में लंबा समय लग सकता है।
यह मामला केवल आगजनी या तोड़फोड़ तक सीमित नहीं है, बल्कि सार्वजनिक विकास कार्यों की सुरक्षा और कानून-व्यवस्था पर भी गंभीर प्रश्न खड़े करता है। यदि वसूली के आरोप सही साबित होते हैं, तो यह शासन-प्रशासन के लिए चिंता का विषय है। वहीं, यदि आरोप निराधार पाए जाते हैं, तो निष्पक्ष जांच के माध्यम से वास्तविक तथ्यों को सामने लाना भी उतना ही आवश्यक होगा।
अब पूरे मामले में लोगों की निगाहें पुलिस और प्रशासन की जांच पर टिकी हैं। दोषियों की पहचान, उनकी गिरफ्तारी और किसानों के हितों की रक्षा के लिए परियोजना को शीघ्र पुनर्स्थापित करना प्रशासन के सामने सबसे बड़ी चुनौती होगी।

Latest Recipes

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!
Scroll to Top