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आगजनी साजिश या निजी बदले की आग? मदिरा दुकान में हुई आगजनी की वारदात में बड़ा खुलासा!

बरेली क्षेत्र के खरगोन स्थित कम्पोजिट मदिरा दुकान में हुई आगजनी की वारदात में बड़ा खुलासा हुआ है। सीसीटीवी फुटेज और पुलिस जांच के आधार पर मुख्य आरोपी शिवराज दांगी को गिरफ्तार कर लिया गया है। दो अन्य आरोपी सौरभ विश्वकर्मा और राजू लोधी अभी फरार हैं, जिनकी तलाश जारी है। जानकारी के अनुसार, यह घटना पूर्व विवाद और आक्रोश से जुड़ी बताई जा रही है। एक चिंगारी… और पूरी दुकान को जलाने की साजिश!

  • रात के सन्नाटे में फेंकी गई आग ने सिर्फ शराब के कार्टून नहीं जलाए, बल्कि कानून-व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए। बरेली थाना क्षेत्र के खरगोन स्थित कम्पोजिट मदिरा दुकान में हुई आगजनी की घटना अब पुलिस जांच के बाद एक स्पष्ट आपराधिक साजिश के रूप में सामने आई है।


Bareli: 
थाना बरेली अंतर्गत खरगोन स्थित कम्पोजिट मदिरा दुकान में 13 नवंबर 2025 की रात हुई आगजनी की घटना में पुलिस ने अहम प्रगति दर्ज की है। सीसीटीवी कैमरों की फुटेज के आधार पर पुलिस ने आरोपियों की पहचान करते हुए मुख्य आरोपी शिवराज दांगी को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया है, जबकि उसके दो कथित साथी सौरभ विश्वकर्मा और राजू लोधी अब भी फरार हैं। घटना में प्रयुक्त वाहन की बरामदगी भी फिलहाल शेष बताई जा रही है।

पुलिस के अनुसार, 13 नवंबर की रात लगभग 12:26 बजे मदिरा दुकान में कार्यरत फरियादी डब्लू कुमार गुप्ता अपने एक सहकर्मी के साथ दुकान की देखरेख के लिए अंदर सो रहे थे। इसी दौरान उन्हें दुकान के बाहर किसी वाहन के रुकने की आवाज सुनाई दी। कुछ ही क्षणों बाद अज्ञात व्यक्तियों ने दुकान की टीन शीट उठाकर अंदर जलती हुई वस्तु फेंक दी और मौके से फरार हो गए। आग लगने से दुकान में रखे शराब के कार्टून, छाते और फरियादी का निजी बैग जल गया। कर्मचारियों की सतर्कता से आग को समय रहते बुझा लिया गया, जिससे बड़ा नुकसान टल गया।

घटना की सूचना पर थाना बरेली में अपराध क्रमांक 0596/2025, धारा 326(ग) भारतीय न्याय संहिता, 2023 के तहत प्रकरण दर्ज किया गया। विवेचना उप निरीक्षक दीपक वर्मा को सौंपी गई। जांच के दौरान पुलिस ने आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की बारीकी से जांच की, जिसमें संदिग्ध गतिविधियां सामने आईं। फुटेज के विश्लेषण के बाद पुलिस को जानकारी मिली कि आरोपी उदयपुरा क्षेत्र की एक मदिरा दुकान से जुड़े बताए जा रहे हैं।

लगातार तलाश के बाद पुलिस ने मुख्य आरोपी शिवराज दांगी पिता धीरज सिंह दांगी, उम्र 26 वर्ष, निवासी ग्राम मझगवा, थाना सुल्तानगंज, हाल निवास बायपास रोड उदयपुरा को साइनखेड़ा बस स्टैंड से गिरफ्तार किया। गिरफ्तारी में एसआई मनोज धुर्वे, एएसआई रमेश खंडागरे, प्रधान आरक्षक सुरेंद्र इब्ने, सौमित्र सोनी और राजेश शर्मा सहित पुलिस टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

सूत्रों के अनुसार पुलिस अभिरक्षा में दिए गए कथन में आरोपी शिवराज दांगी ने बताया कि देवरी स्थित एक मदिरा दुकान में उसके भाई जितेंद्र रघुवंशी के साथ कथित मारपीट की घटना से वह नाराज था। इसी आक्रोश में वह 13 नवंबर की रात लगभग साढ़े 12 बजे अपने साथियों राजू लोधी और सौरभ विश्वकर्मा के साथ बिना नंबर की बुलेरो वाहन से खरगोन बायपास स्थित मदिरा दुकान पहुंचा। कथन के अनुसार, वाहन राजू लोधी चला रहा था और सौरभ विश्वकर्मा पीछे बैठा था। इसी दौरान कथित रूप से पेट्रोल से भरी प्लास्टिक बोतल के जरिए आग दुकान के अंदर फेंकी गई।

पुलिस का कहना है मामले की जांच तथ्यों व साक्ष्यों के आधार पर आगे बढ़ाई जा रही है। फरार आरोपियों की तलाश और वाहन की बरामदगी के लिए लगातार दबिश दी जा रही है। पुलिस के मुताबिक, विवेचना निष्पक्ष और कानूनी दायरे में रहकर की जा रही है।

कम्पोजिट मदिरा दुकान में हुई आगजनी की यह घटना केवल एक आपराधिक मामला नहीं, बल्कि सार्वजनिक सुरक्षा और व्यवस्था से जुड़ा गंभीर विषय है। पुलिस द्वारा सीसीटीवी फुटेज के आधार पर त्वरित कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी करना जांच की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। हालांकि, दो आरोपियों का फरार होना और घटना में प्रयुक्त वाहन की बरामदगी शेष रहना यह संकेत देता है कि विवेचना अभी निर्णायक मोड़ पर नहीं पहुंची है। यह आवश्यक है कि पूरे मामले की जांच निष्पक्ष, तथ्यात्मक और कानून के दायरे में पूरी की जाए, ताकि किसी निर्दोष को संदेह के घेरे में न लाया जाए और दोषियों को न्यायिक प्रक्रिया के अनुसार जवाबदेह ठहराया जा सके। ऐसी घटनाएं यह भी याद दिलाती हैं कि व्यावसायिक परिसरों, विशेषकर रात्रिकालीन समय में संचालित प्रतिष्ठानों की सुरक्षा व्यवस्था और निगरानी प्रणाली की निरंतर समीक्षा जरूरी है।

न्यूज़ पोर्टल का उद्देश्य इस मामले में केवल सत्यापित तथ्यों को सामने लाना है। जांच पूरी होने तक किसी भी प्रकार के निष्कर्ष पर पहुंचना उचित नहीं होगा। हम पुलिस विवेचना और न्यायिक प्रक्रिया के अगले चरणों पर नजर बनाए रखेंगे।

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