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एफसीआई का 242 क्विंटल सीएमआर चावल संचेती राइस मिल में पकड़ा गया, दोषियों पर होगी एफआईआर एफसीआई डिपो से इथेनॉल प्लांट जाने वाला चावल वारासिवनी की राइस मिल में मिला, रिसाइक्लिंग की आशंका पर जांच तेज।

बालाघाट

 खाद्य एवं राजस्व विभाग की संयुक्त टीम द्वारा की गई आकस्मिक जांच में सरकारी खाद्यान्न के संभावित दुरुपयोग का बड़ा मामला सामने आया है। 3 जून 2026 की शाम लगभग 7 बजे वारासिवनी स्थित संचेती राइस मिल परिसर में भारतीय खाद्य निगम (एफसीआई) डिपो नवेगांव-कोसमी का 242 क्विंटल 55 किलोग्राम कस्टम मिल्ड राइस (सीएमआर) संदिग्ध परिस्थितियों में पाया गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए विभाग ने विस्तृत जांच प्रारंभ कर दी है तथा दोषी पाए जाने वाले व्यक्तियों के विरुद्ध एफआईआर दर्ज कराने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।

जांच के दौरान अधिकारियों ने एक ट्रक में एफसीआई का सीएमआर चावल लदा हुआ पाया। मौके पर मौजूद वाहन चालक से परिवहन संबंधी वैध दस्तावेज प्रस्तुत करने को कहा गया, लेकिन वह कोई भी आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध नहीं करा सका। इसके बाद संयुक्त टीम ने चावल सहित ट्रक को जप्त कर आगामी जांच तक पुलिस थाना वारासिवनी प्रभारी की अभिरक्षा में खड़ा करा दिया।
प्रारंभिक जांच में यह तथ्य सामने आया कि उक्त सीएमआर चावल भारतीय खाद्य निगम डिपो नवेगांव-कोसमी से इथेनॉल प्लांट बोरगांव, जिला छिंदवाड़ा के लिए परिवहन किया जा रहा था। निर्धारित गंतव्य तक पहुंचने के बजाय ट्रक को वारासिवनी स्थित संचेती राइस मिल परिसर में ले जाया गया, जिससे पूरे मामले पर संदेह गहरा गया है।
अधिकारियों के अनुसार प्रथम दृष्टया यह आशंका व्यक्त की जा रही है कि सीएमआर चावल को रिसाइकिल करने के उद्देश्य से राइस मिल परिसर में लाया गया था। इसी आधार पर संबंधित व्यक्तियों की भूमिका की जांच की जा रही है तथा विभागीय एवं कानूनी कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
खाद्य एवं राजस्व विभाग के अधिकारियों ने बताया कि मामले की गहन जांच जारी है। जांच प्रतिवेदन प्राप्त होने के बाद दोषियों के विरुद्ध नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन की इस कार्रवाई को सार्वजनिक वितरण प्रणाली तथा सरकारी खाद्यान्न के दुरुपयोग पर अंकुश लगाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

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