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मांगो के निराकरण तक पंचायत कर्मियो की अनिश्चित कालीन हड़ताल जारी ।

सचिव और ग्राम रोजगार सहायकों की कलम बंद हड़ताल ।


नियमित वेतन, एरियर्स, एनपीएस जमा, तकनीकी सुधार और सम्मानजनक कार्य व्यवस्था की मांग ।

जनपद पंचायत खैरलांजी अंतर्गत समन्वयक अधिकारी, पंचायत सचिव एवं ग्राम रोजगार सहायकों ने अपनी लंबित मांगों को लेकर कलम बंद हड़ताल शुरू कर दी है। कर्मचारियों ने प्रशासन पर उदासीनता का आरोप लगाते हुए कहा कि लगातार ज्ञापन दिए जाने और बैठकें होने के बावजूद उनकी मूलभूत समस्याओं का समाधान नहीं किया जा रहा है।
इस संबंध में म. प्र. पंचायत संयुक्त मोर्चा संगठन खैरलांजी ने दिनांक 07 नवंबर 2025 को मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जनपद पंचायत खैरलांजी को एक ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में स्पष्ट कहा गया है कि जब तक सभी मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं की जाती, तब तक कलम बंद हड़ताल जारी रहेगी।                                  
👉 वेतन भुगतान में हो रही देरी से नाराजगी
संगठन ने कहा कि समन्वयक अधिकारियों, सचिवों एवं ग्राम रोजगार सहायकों को प्रत्येक माह की एक तारीख तक नियमित रूप से वेतन भुगतान किया जाए। अक्टूबर 2025 का वेतन आज दिनांक तक नहीं दिया गया, जिससे कर्मचारी आर्थिक संकट में हैं। उन्होंने कहा कि दीपावली का त्यौहार बीत जाने के बाद भी वेतन न मिलने से उनके परिवारों को परेशानी झेलनी पड़ी है।

 👉     निरामय आयुष्मान योजना का भुगतान लंबित ।

ज्ञापन में बताया गया कि निरामय आयुष्मान योजना के तहत ग्राम रोजगार सहायकों ने रात-दिन मेहनत कर पात्र हितग्राहियों के कार्ड बनाए, किंतु आज तक उस कार्य का भुगतान नहीं किया गया है। उन्होंने कहा कि शासन योजनाओं का क्रियान्वयन ग्राम स्तर पर उन्हीं के माध्यम से कराता है, किंतु जब भुगतान समय पर नहीं होता, तो मनोबल गिरता है।

👉 एरियर्स राशि अन्य जनपदों में वितरित, खैरलांजी में नहीं ।
               

संगठन ने यह भी बताया कि जिले के अन्य नौ जनपदों में पंचायत सचिवों और समन्वयक अधिकारियों के वेतनवृद्धि संबंधी एरियर्स दीपावली से पूर्व वितरित कर दिए गए, परंतु खैरलांजी जनपद के कर्मचारियों को अब तक एरियर राशि नहीं मिली है। उन्होंने इसे प्रशासनिक लापरवाही बताते हुए तत्काल भुगतान की मांग की।

👉  सीएम हेल्पलाइन प्रकरण और एनपीएस राशि पर भी उठाए सवाल ।

ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया कि सीएम हेल्पलाइन प्रकरणों के निस्तारण के बावजूद वेतन से की गई कटौती अब तक वापस नहीं की गई है.

साथ ही, कर्मचारियों की एनपीएस (राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली) के तहत की गई कटौती की राशि पिछले आठ महीनों से उनके प्राण खातों में जमा नहीं की गई है, जिससे भविष्य निधि संबंधी लाभ प्रभावित हो रहे हैं।
 👉 तकनीकी समस्याएं बढ़ा रहीं परेशानी ।
संगठन ने एनएमएमएस एप और जेएसजेबी 2.0 साइट की लगातार खराबी का मुद्दा उठाया है। उन्होंने बताया कि तकनीकी दिक्कतों के कारण मजदूरों की ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज नहीं हो पा रही है, जिससे मजदूरों के भुगतान रुके पड़े हैं। इससे ग्राम पंचायत स्तर पर असंतोष और विवाद की स्थिति बन रही है। संगठन ने इन एप्स और साइट्स को सरल और उपयोगी बनाने की मांग की है।

  👉  कार्यालयीन अनुशासन एवं दबाव से भी नाराजगी 
संगठन ने कहा कि कर्मचारियों से अवकाश के दिनों में कार्य कराया जाना अनुचित है। साथ ही जनपद और जिला स्तरीय वीसी (वीडियो कॉन्फ्रेंस) बैठकों को कार्यालयीन समय पर ही आयोजित करने की मांग की गई है।

उन्होंने यह भी कहा कि लेबर बढ़ाने के लिए अधिकारियों द्वारा मानसिक दबाव डाला जा रहा है, जिससे कर्मचारियों में असंतोष व्याप्त है।

    👉  बैंक मित्रों की अनुपस्थिति से पीएम अटल योजना प्रभावित ।
संगठन ने बताया कि पीएम अटल योजना शिविर नियमित रूप से ग्राम पंचायत स्तर पर आयोजित किए जा रहे हैं, परंतु बैंक मित्रों की अनुपस्थिति के कारण लाभार्थियों के खाते नहीं खुल पा रहे हैं। इसका दायित्व सचिवों या ग्राम रोजगार सहायकों पर नहीं डाला जाना चाहिए।

👉  संगठन ने दिया आंदोलन उग्र करने का संकेत
हड़ताल में जिला अध्यक्ष सचिव संगठन बालाघाट, अध्यक्ष समन्वयक अधिकारी जनपद पंचायत खैरलांजी, ब्लॉक अध्यक्ष सचिव संगठन बालाघाट, एवं ब्लॉक अध्यक्ष ग्राम रोजगार सहायक संगठन जनपद पंचायत खैरलांजी सहित अनेक सचिव, समन्वयक अधिकारी और ग्राम रोजगार सहायक शामिल हैं।

सभी ने एक स्वर में चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों का शीघ्र निराकरण नहीं किया गया, तो हड़ताल को जिला मुख्यालय तक विस्तारित किया जाएगा और आंदोलन को उग्र स्वरूप दिया जाएगा।

   👉 प्रशासन ने लिया संज्ञान ।
सूत्रों के अनुसार, मुख्य कार्यपालन अधिकारी द्वारा ज्ञापन प्राप्त कर संबंधित बिंदुओं पर रिपोर्ट तैयार की जा रही है। प्रशासन ने कर्मचारियों से हड़ताल समाप्त कर संवाद के लिए आगे आने का आग्रह किया है।

 निष्कर्ष
यह हड़ताल एक बार फिर यह प्रश्न उठाती है कि पंचायत स्तर पर कार्यरत अधिकारी-कर्मचारी, जो ग्रामीण विकास योजनाओं का आधार हैं, उन्हें समय पर भुगतान और आवश्यक तकनीकी सुविधा क्यों नहीं मिल पा रही है। यदि इन समस्याओं का शीघ्र समाधान नहीं हुआ, तो विकास योजनाओं के क्रियान्वयन पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है।

                        


            जिला क्राइम रिपोर्टर – प्रताप गेडाम

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