RNI MPHIN/2020/79363

Image
  • Home
  • Madhya Pradesh
  • हर घर पहुँचा शुद्ध जल, बदली जिंदगी की धारा – बिठली, मोहगांव खुर्द में जल जीवन मिशन का असरदार कमाल |

हर घर पहुँचा शुद्ध जल, बदली जिंदगी की धारा – बिठली, मोहगांव खुर्द में जल जीवन मिशन का असरदार कमाल |

बालाघाट

जिले के वारासिवनी विकासखंड अंतर्गत ग्राम बिठली, मोहगांव खुर्द आज ग्रामीण विकास का एक सशक्त उदाहरण बनकर उभरा है। लगभग तीन हजार परिवारों की आबादी वाले इस गाँव में जल जीवन मिशन के अंतर्गत नल-जल योजना का कार्य ए व्ही कंस्ट्रक्शन कंपनी द्वारा कराया गया है।

योजना के तहत उच्च स्तरीय पानी की टंकी का निर्माण कार्य प्रगति पर है।

बोर के माध्यम से वर्तमान में पूरे गाँव को नियमित एवं स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराया जा रहा है। गाँव के सभी परिवारों को नल कनेक्शन मिल चुके हैं

, जिससे प्रत्येक घर तक शुद्ध जल की आपूर्ति सुनिश्चित हो रही है।

शासकीय प्राथमिक शाला में भी पेयजल की समस्या लंबे समय से बनी हुई थी।

मध्यान्ह भोजन की व्यवस्था और विद्यार्थियों के लिए पीने के पानी की उपलब्धता चुनौतीपूर्ण थी। शाला की प्रधान अध्यापिका श्रीमती नर्मदा रहांगडाले

👉 प्रधान अध्यापिका    श्रीमती नर्मदा रहांगडाले

*********************************
                                ने  बताया कि स्कूल का बोर वर्षों से खराब था। संबंधित विभाग को आवेदन देने के बावजूद समस्या का समाधान नहीं हो पाया था, लेकिन अब जल जीवन मिशन योजना के अंतर्गत नल के माध्यम से विद्यालय को जल उपलब्ध हो रहा है। उन्होंने इस सुविधा के लिए योजना से जुड़े निर्माण एजेंसी के प्रति आभार व्यक्त किया।
        👉 शिक्षक शासकीय प्राथमिक शाला बिठली
——————————————————
हर घर नल से जल पहुँचने के बाद ग्राम बिठली, मोहगांव खुर्द की तस्वीर में उल्लेखनीय बदलाव देखा जा रहा है। यह परिवर्तन केवल आधारभूत ढाँचे तक सीमित नहीं रहा, बल्कि गाँव के सामाजिक, आर्थिक एवं स्वास्थ्य परिदृश्य पर भी सकारात्मक प्रभाव पड़ा है।
योजना से पूर्व ग्रामीणों, विशेषकर महिलाओं को दूरस्थ हैंडपंपों एवं कुओं पर निर्भर रहना पड़ता था। प्रतिदिन घंटों पानी भरने में व्यतीत होते थे, जिससे उनकी आजीविका गतिविधियाँ प्रभावित होती थीं और बच्चों की पढ़ाई पर भी असर पड़ता था। गर्मियों के मौसम में जल संकट और गहरा जाता था, जिससे कई बार विवाद की स्थिति भी उत्पन्न हो जाती थी।
अब स्वच्छ एवं नियमित पेयजल उपलब्ध होने से महिलाओं को बड़ी राहत मिली है।

समय की बचत के साथ वे सिलाई-कढ़ाई, लघु उद्योग एवं स्वरोजगार गतिविधियों से जुड़ रही हैं। वहीं बच्चों को पानी भरने में समय नहीं लगाना पड़ता, जिससे वे नियमित रूप से विद्यालय जा पा रहे हैं और पढ़ाई पर अधिक ध्यान दे रहे हैं।

स्वच्छ पेयजल की उपलब्धता से डायरिया जैसी जलजनित बीमारियों में भी कमी देखी जा रही है। बेहतर बुनियादी सुविधाओं के कारण शहरों की ओर पलायन करने वाले कुछ परिवार अब गाँव लौटकर खेती एवं पशुपालन में रुचि दिखा रहे हैं।
ग्रामीणों ने इस सकारात्मक परिवर्तन के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तथा मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के साथ-साथ जल जीवन मिशन के प्रति आभार व्यक्त किया। गाँव में यह योजना विकास, सुविधा और जीवन स्तर में सुधार का प्रतीक बन चुकी है।

Latest Recipes

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!
Scroll to Top