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बालाघाट में “आजीविका होली मेला–2026” का शुभारंभ, प्राकृतिक गुलाल और मिलेट व्यंजनों से सजी आत्मनिर्भरता की रंगीन पहल।

बालाघाट

 होली पर्व के पावन अवसर पर मध्यप्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के अंतर्गत बालाघाट में दो दिवसीय “आजीविका होली मेला–2026” का भव्य शुभारंभ हुआ।

28 फरवरी से 1 मार्च 2026 तक आयोजित यह मेला जिला प्रशासन, जिला पंचायत एवं आजीविका मिशन के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित किया जा रहा है।

मेले का शुभारंभ सदस्य मध्यप्रदेश पिछड़ा वर्ग आयोग श्रीमती मौसम बिसेन,

जिला पंचायत सदस्य श्रीमती सुनीता बहेटवार, सरपंच श्रीमती पुष्पा नागेश्वर एवं जिला कार्यक्रम प्रबंधक (एनआरएलएम) सुश्री श्वेता महतो सहित आजीविका मिशन की दीदियों की उपस्थिति में संपन्न हुआ।

जिला पंचायत अध्यक्ष श्री सम्राट सिंह सरस्वर एवं समाजसेवी अनूप सिंह बैंस ने मेले में लगाए गए विभिन्न स्टॉलों का अवलोकन कर स्व-सहायता समूह की दीदियों का उत्साहवर्धन किया। श्री सरस्वर ने कहा कि स्थानीय उत्पादों को सशक्त बाजार उपलब्ध कराना समय की आवश्यकता है और दीदियों का यह प्रयास अत्यंत सराहनीय है।

श्रीमती सुनीता बहेटवार ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि स्व-सहायता समूहों के माध्यम से महिलाएं सशक्त होकर नेतृत्व की भूमिका निभा रही हैं।

इस अवसर पर श्रीमती मौसम बिसेन ने कहा कि होली के पावन पर्व पर स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देने और “आत्मनिर्भर भारत” की भावना को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से इस मेले का आयोजन किया गया है। उन्होंने एनआरएलएम की दीदियों द्वारा तैयार प्राकृतिक गुलाल एवं अन्य उत्पादों की सराहना करते हुए नागरिकों से स्थानीय उत्पाद खरीदकर आत्मनिर्भरता अभियान में सहभागी बनने की अपील की।
जिला कार्यक्रम प्रबंधक सुश्री श्वेता महतो ने बताया कि मेले में रागी का डोसा, कोदो-कुटकी व रागी जैसे मिलेट से बने व्यंजन, पारंपरिक मिठाइयाँ, देशी शहद, हस्तनिर्मित खाद्य सामग्री एवं जैविक उत्पाद आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं। “प्रकृति के संग, आत्मनिर्भरता के रंग” थीम पर आधारित यह आयोजन प्राकृतिक रंगों के उपयोग और “वोकल फॉर लोकल” की भावना को सशक्त करता है।
मेले में स्व-सहायता समूहों की दीदियों द्वारा तैयार प्राकृतिक गुलाल एवं विभिन्न ग्रामीण उत्पादों का प्रदर्शन और विक्रय किया जा रहा है।

आयोजन का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाना तथा उनके उत्पादों को व्यापक बाजार उपलब्ध कराना है।

जिला प्रशासन बालाघाट ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे अधिक से अधिक संख्या में मेले में पहुंचकर ग्रामीण महिलाओं का उत्साहवर्धन करें एवं स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा दें। अंबेडकर चौक स्थित तुरकर भवन, बालाघाट में आयोजित यह मेला प्रतिदिन सुबह 11 बजे से रात्रि 9 बजे तक आमजन के लिए खुला रहेगा।

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