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“पत्रकारिता पर जंजीरें नहीं, कानून चाहिए!”

पत्रकारों ने मुख्यमंत्री के नाम सौंपा ज्ञापन, कहा “सिवनी के पत्रकार अजय ठाकरे को झूठे प्रकरण में न फंसाया जाए”

पत्रकारों की सुरक्षा कानून बनाने की मांग, निष्पक्ष जांच की अपील

सिवनी, 28 अक्टूबर।

जिले के पत्रकारों ने सोमवार को मुख्यमंत्री एवं गृह मंत्री डॉ. मोहन यादव के नाम एक ज्ञापन सौंपा है। इसमें पत्रकारों ने सिवनी जिले सहित प्रदेशभर के पत्रकारों को सुरक्षा उपलब्ध कराने तथा बिना जांच के झूठे प्रकरणों में फँसाने की घटनाओं पर रोक लगाने की मांग की है।


ज्ञापन में कहा गया है कि लोकतंत्र का चौथा स्तंभ माने जाने वाले पत्रकार निष्पक्ष और निर्भीक होकर आमजन की आवाज शासन-प्रशासन तक पहुँचाते हैं, लेकिन फील्ड में काम करने वाले पत्रकारों के साथ कई बार दोहरा रवैया अपनाया जाता है। उन्हें झूठे प्रकरणों में फँसाकर प्रताड़ित किया जा रहा है, जिससे लोकतंत्र कमजोर हो रहा है।


पत्रकारों ने उल्लेख किया कि सिवनी कोतवाली पुलिस द्वारा दर्ज अपराध क्रमांक 899/225 में सिवनी से प्रकाशित दैनिक सिवनी न्यूज़ के संपादक अजय ठाकरे को भी आरोपी बनाया गया है, जबकि वे घटना स्थल पर केवल कवरेज करने पहुँचे थे। ज्ञापन में कहा गया कि बिना जांच के इस तरह पत्रकारों को आरोपी बनाना निंदनीय है।


पत्रकारों ने मांग की है कि —


1. पत्रकारों के विरुद्ध झूठे प्रकरण दर्ज करने से पहले राजपत्रित अधिकारी से निष्पक्ष जांच कराई जाए।


2. फील्ड में कार्यरत संपादक, संवाददाता, ब्यूरो प्रमुख, स्ट्रिंगर एवं प्रेस फोटोग्राफरों की सुरक्षा हेतु विशेष कानून बनाया जाए।


3. किसी भी पत्रकार या उनके परिवार को जांच से पहले पुलिस द्वारा डराया-धमकाया न जाए।


पत्रकारों ने यह भी कहा कि यदि पत्रकारों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए प्रदेश में पत्रकार सुरक्षा कानून बिल पारित किया जाए, तो इससे पत्रकारिता के क्षेत्र में पारदर्शिता और निर्भीकता को बल मिलेगा।


ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया कि अजय ठाकरे एवं उनके परिवार को जांच पूरी होने से पहले किसी भी प्रकार की पुलिस कार्रवाई या उत्पीड़न का सामना न करना पड़े।

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