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संविधान दिवस पर सोनपूरी मे गुंजा एकता और जागरूकता गुंज ।

ग्राम सोनपुरी में संविधान दिवस पर बाबा साहेब को नमन, 26/11 के शहीदों को दी गई भावपूर्ण श्रद्धांजलि

सामूहिक त्रिशरण-पंचशील ग्रहण के साथ गूँजा लोकतंत्र और समता का संदेश ।
बालाघाट / उकवा
भारतीय संविधान दिवस के अवसर पर ग्राम सोनपुरी स्थित स्थानीय बौद्ध विहार में श्रद्धा, राष्ट्रभक्ति और संवैधानिक मूल्यों से परिपूर्ण भव्य कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत बोधिसत्व डॉ. भीमराव अम्बेडकर जी की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर की गई। उपस्थित जनों ने बाबा साहेब को भारत की एकता, न्याय और मानवाधिकारों के महान शिल्पकार के रूप में विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित की।
बाबा साहेब अम्बेडकर को याद करते हुए वक्ताओं ने कहा कि—👇
उनका बनाया हुआ संविधान ही भारत की विविधता को एक सूत्र में बाँधे रखने की शक्ति है।
संविधान ने हर नागरिक को समानता, स्वतंत्रता और सम्मान के साथ जीने का अधिकार दिया है।
विशिष्ट अतिथियों की उपस्थिति ने बढ़ाया कार्यक्रम का गौरव ।
इस अवसर पर ग्राम पंचायत सोनपुरी के सरपंच सुनील उइके, किसनलाल गजभिये, बुद्धिस्ट कमेटी अध्यक्ष बाबूलाल गजभिये, सहायक सचिव सतीश उमरे, समाजसेवी संदीप गजभिये, पीएम श्री सोनपुरी के प्रधान पाठक शोभाराम तेकाम, ज्योति टेभरें, यूनिशा ठाकुर, डॉ. प्रभात घुले, ऋतिक कामड़े, बलिराम गोंडाने, गणेश गोंडाने, बिसन मरकाम, साधना मर्सकोले, तिमेश तेकाम, विशाल तेकाम, पंकज तांडे, रजित पुशाम सहित बड़ी संख्या में ग्रामवासी और धम्मबंधु उपस्थित रहे।
सभी उपस्थित जनों ने सामूहिक त्रिशरण और पंचशील ग्रहण कर सामाजिक सद्भाव, अनुशासन, समता और शांति के मार्ग पर चलने का संकल्प लिया।
“भारत का संविधान—हर भारतीय को दी गई सबसे बड़ी ताकत” :                                                                    👉      समाजसेवी संदीप गजभिये
कार्यक्रम में बोलते हुए समाजसेवी संदीप गजभिये ने कहा—👇
“26 नवंबर हर भारतवासी के लिए गर्व का दिन है। संविधान ने हर नागरिक को बोलने, जीने और निर्णय लेने की स्वतंत्रता दी है। यह केवल एक किताब नहीं, बल्कि भारत की आत्मा है।”
उन्होंने संविधान निर्माण की प्रक्रिया पर प्रकाश डालते हुए बताया कि—
● भारत का संविधान बनाने में 2 वर्ष, 11 माह और 18 दिन लगे।
● यह दुनिया का सबसे बड़ा लिखित संविधान है।
● इसके निर्माण में अमेरिका, आयरलैंड, कनाडा, जापान, ऑस्ट्रेलिया और यूनाइटेड किंगडम के संविधानों से प्रेरणा ली गई।
● संविधान में नागरिकों के अधिकार, कर्तव्य, शासन व्यवस्था, चुनाव प्रणाली और मानवाधिकारों की व्यापक व्यवस्था की गई है।
उन्होंने कहा कि संविधान का उद्देश्य भारत को एक समान, न्यायपूर्ण और समतामूलक समाज बनाना है।
      👉      26/11 मुंबई हमले के शहीदों को दी गई                         भावपूर्ण श्रद्धांजलि ।
कार्यक्रम में 26 नवंबर 2008 को हुए मुंबई आतंकी हमले के शहीदों को भी नम आंखों से याद किया गया।
17 वर्ष पूर्व हुए इस भीषण हमले ने पूरी दुनिया को झकझोर दिया था।
ताज होटल, नरीमन हाउस, CST स्टेशन, मेट्रो सिनेमा सहित 12 स्थानों पर हुए सिलसिलेवार हमलों में 166 निर्दोष लोग मारे गए थे।
ग्रामवासियों ने दो मिनट का मौन रखकर शहीदों के प्रति कृतज्ञता और संवेदना व्यक्त की।
  👉   संविधान की रक्षा व लोकतांत्रिक मूल्यों को                  बनाये रखने का लिया संकल्प ।
कार्यक्रम के अंत में सभी उपस्थित जनों ने यह संकल्प लिया कि—
“भारतीय संविधान की रक्षा, सम्मान और पालन के लिए हम सदैव तत्पर रहेंगे, और लोकतंत्र की मर्यादा को बनाए रखने हेतु हर संभव प्रयास करेंगे।”
कार्यक्रम का समापन शांतिपाठ और संविधान दिवस की मंगलकामनाओं के साथ हुआ।
             क्राइम रिपोर्टर – प्रताप गेडाम
                      अभयवाणी न्यूज

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