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ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम-2026 के सख्त क्रियान्वयन की तैयारी, नियम तोड़ने वालों पर मौके पर लगेगा स्पॉट फाइन । मुख्य सचिव अनुराग जैन की उच्च स्तरीय वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में कलेक्टर मृणाल मीना सहित जिला अधिकारियों को दिए स्पष्ट निर्देश, कचरा पृथक्करण और वैज्ञानिक निस्तारण पर रहेगा विशेष जोर।

अभयवाणी न्यूज 

 बालाघाट

पर्यावरण संरक्षण और स्वच्छ भारत मिशन के लक्ष्यों को धरातल पर प्रभावी ढंग से लागू करने की दिशा में मध्यप्रदेश सरकार ने ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम-2026 के सख्त क्रियान्वयन का निर्णय लिया है।

शुक्रवार को मुख्य सचिव श्री अनुराग जैन की अध्यक्षता में आयोजित उच्च स्तरीय वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में सभी जिलों को स्पष्ट निर्देश दिए गए कि नए नियमों का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध तत्काल कार्रवाई करते हुए मौके पर ही स्पॉट फाइन लगाया जाए।

वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में बालाघाट से कलेक्टर श्री मृणाल मीना, जिला पंचायत सीईओ श्री अभिषेक सराफ, संयुक्त कलेक्टर श्री राहुल नायक सहित संबंधित अधिकारी शामिल हुए।

बैठक में बताया गया कि माननीय सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों के अनुरूप 1 अप्रैल 2026 से लागू नियमों का प्रभावी पालन सुनिश्चित करना सभी नगरीय एवं ग्रामीण निकायों की प्राथमिक जिम्मेदारी होगी।

मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि खुले में कचरा फेंकने, जलाने तथा स्रोत स्तर पर कचरे का पृथक्करण नहीं करने वालों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाए। साथ ही कचरा प्रबंधन की पूरी प्रक्रिया—संग्रहण, पृथक्करण, परिवहन, उपचार और अंतिम निस्तारण—की नियमित निगरानी सुनिश्चित की जाए ताकि बिना उपचार के कोई भी अपशिष्ट न छोड़ा जाए।
बैठक में बताया गया कि नए नियमों के तहत कचरे को जैव-अपघटनीय, सूखा कचरा, चिकित्सीय अपशिष्ट तथा सैनिटरी अपशिष्ट जैसी प्रमुख श्रेणियों में विभाजित कर वैज्ञानिक तरीके से उसका निस्तारण किया जाएगा।
    👉      बल्क वेस्ट जनरेटर पर विशेष निगरानी
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वीसी में बड़े पैमाने पर कचरा उत्पन्न करने वाले संस्थानों और परिसरों (Bulk Waste Generator) के लिए भी कड़े प्रावधानों की जानकारी दी गई। निर्धारित मानकों के अंतर्गत आने वाले संस्थानों को अनिवार्य रूप से पोर्टल पर पंजीयन कराना होगा तथा अपने परिसर में ऑर्गेनिक वेस्ट कन्वर्टर (OWC) स्थापित कर जैविक कचरे का स्थानीय स्तर पर ही उपचार करना होगा।
‘ 👉        3R’ सिद्धांत से बनेगी स्वच्छता की नई                                     संस्कृति
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मुख्य सचिव श्री अनुराग जैन ने कहा कि ठोस अपशिष्ट प्रबंधन की सफलता नागरिकों की सक्रिय भागीदारी पर निर्भर करेगी। घर-घर कचरा पृथक्करण को जनआंदोलन का स्वरूप देते हुए Reduce, Reuse, Recycle (3R) के सिद्धांत को व्यवहार में उतारना होगा। उन्होंने शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छता को बढ़ावा देने के लिए सकारात्मक प्रतिस्पर्धा विकसित करने तथा वैज्ञानिक लैंडफिल, पारदर्शी मॉनिटरिंग और पोर्टल आधारित समीक्षा प्रणाली को प्रभावी बनाने के निर्देश भी दिए।
सरकार का मानना है कि इन नियमों के प्रभावी क्रियान्वयन से न केवल स्वच्छता व्यवस्था मजबूत होगी, बल्कि पर्यावरण संरक्षण, संसाधनों के पुनर्चक्रण और टिकाऊ विकास को भी नई गति मिलेगी।

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