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बरमान मेला 2026: कलेक्टर ने संभाली कमान, व्यवस्था से सुरक्षा तक हर तैयारी पर सख्त निर्देश

मेले में सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जाएगी

बरमान मेला- 2026 की प्रारंभिक तैयारियों के संबंध में बैठक सम्पन्न
नरसिंहपुर, 10 दिसम्बर 2025. कलेक्टर एवं अध्‍यक्ष मेला समिति बरमान श्रीमती रजनी सिंह की अध्यक्षता और तेंदूखेड़ा विधायक श्री विश्वनाथ सिंह पटेल की विशेष मौजूदगी में बरमान मेला- 2026 की प्रारंभिक तैयारियों के संबंध में बुधवार को विश्राम गृह बरमानकलां में बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्रीमती अनीता राजेंद्र ठाकुर, सीईओ जिला पंचायत श्री गजेन्द्र सिंह नागेश, जनपद पंचायत चांवरपाठा अध्यक्ष श्री सोबरन सिंह ठाकुर, जिला पंचायत सदस्य श्री धनंजय सिंह, अन्य जनप्रतिनिधि, एसडीएम नरसिंहपुर मणिन्द्र कुमार सिंह व एसडीएम गाडरवारा श्रीमती कलावती ब्यारे, अधिकारी, व्यापारी व अन्य संगठनों के पदाधिकारीगण और नागरिक मौजूद थे।
      कलेक्टर श्रीमती रजनी सिंह ने मेला स्थल पर रास्ता निर्माण व मरम्मत कार्य, घाटों पर सफाई व मंदिरों की पुताई, वाहनों के लिए स्टेण्ड एवं पार्किंग व्यवस्था, मेला स्थल पर दुकान आवंटन ले-आउट, मेला दुकान के लिए जमीन की दरें, विद्युत व्यवस्था, शौचालय एवं सफाई व्यवस्था, पेयजल व्यवस्था, टेंकर व्यवस्था, मेला स्थल के लिए बांस-बल्ली आदि की व्यवस्था, कंट्रोल रूम, दूरसंचार एवं सार्वजनिक ध्वनि विस्तार व्यवस्था, घाट सुरक्षा, तैराक दल, मोटर वोट, अस्थाई थाना, पुलिस कंट्रोल रूम, अग्नि शमन, कानून व्यवस्था, अवैध बसों का संचालन तथा अवैध वसूली पर रोक, नर्मदा जल स्तर नियंत्रण, चिकित्सा व्यवस्था, प्रदर्शनी, टेलीफोन डायरी, सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन, पूजन सामग्री विसर्जन आदि के संबंध में आवश्यक निर्देश दिए।
      कलेक्टर श्रीमती रजनी सिंह ने निर्देश दिए कि गोताखारों के लिए लाइफ जैकेट एवं ट्यूब की पर्याप्त संख्या में उपलब्ध कराई जाए। डेन्जर जोन के लिए सेफ्टी बॉल का निर्माण किया जावे। व्यापारियों को सुरक्षा संबंधी रिकॉर्डिंग मैसेज तैयार कर प्रसारित की जावे। ब्रिज एवं नाव पर रोप व्यवस्था। विधायक श्री विश्वनाथ सिंह पटेल ने कहा कि मेला स्थल पर शौचालय की व्यवस्था की जावे और पुराने शौचालयों की मरम्मत की कराई जावे।
      बैठक में नर्मदा किनारे बरमानखुर्द एवं बरमानकलां के घाटों की मिट्टी निकालने एवं साफ-सफाई व पुताई का कार्य एस्टीमेट बनाकर गुणवत्तापूर्ण तरीके से पूर्ण कराया जावे। घाटों एवं दीवारों पर स्वच्छता संबंधी नारे लिखने का कार्य करने के निर्देश दिए। वाहनों के लिए स्टेण्ड एवं पार्किंग व्यवस्था के संबंध में आवश्यक निर्देश दिए गए। मेला में सड़कें, दुकानों, मनोरंजन स्थल, प्रदर्शनी आदि के लिए ले-आऊट पूर्व वर्षों की भांति किया जावे। सर्कस एवं झूले मेला के दोनों तरफ किनारे पर रहें जिससे भीड़ नियंत्रण रह सके। बरमानकलां में मुख्य रोड़ पर दुकानों एवं ठेलों के लिए सीमा निर्धारित की जावे। कोई भी दुकान रोड पर ना लगाई जावे और पैदल चलने वालों के लिए पर्याप्त रोड़ खुली रहे। विद्युत शुल्क 12 जनवरी से 2 फरवरी तक दुकानदारों द्वारा निर्धारित दर से मेला समिति के पास जमा कर रसीद प्राप्त करनी होगी। विद्युत की दरों के फ्लेक्स मेला स्थल पर प्रदर्षित रहेंगे। मेला अवधि में विद्युत का दुरुपयोग रोकने के लिए एक दल का गठन कर प्रति दिवस निरीक्षण किया जावे।
      मेला स्थल पर करीब 50 शौचालय का अस्थाई निर्माण कार्य किया जाएगा। आवश्यकतानुसार शौचालयों की संख्या बढ़ाई जाएगी। महिला शौचालय की संख्या विगत वर्ष से इस वर्ष अधिक रखी जावे। महिलाओं को कपड़े बदलने के लिए अस्थाई चैंजिंगरूम की व्यवस्था की जावे। बैठक में साफ- सफाई के लिए आवश्यक‍ निर्देश दिए गए। श्रद्धालुओं को रात्रि में ठंड से बचाव के लिए अलाव हेतु दो ट्रक जलाऊ लकड़ी की व्यवस्था वन विभाग द्वारा की जावेगी। मेला समिति कार्यालय में कंट्रोल रूम स्थापित किया जावे, बरमानखुर्द में कंट्रोल रूम बनाया जाये, मुख्य कंट्रोल रूम मेला स्थल पर रहेगा।
      बैठक में निर्देशित किया गया कि घाट किनारे नर्मदा नदी जल की गहराई प्रदर्शित करने के लिये लाल रंग की झण्डी पर्याप्त मात्रा में लगाई जाये। दोनों किनारे पर गहराई की एक निश्चित सीमा पर पूर्व वर्ष की भांति स्नानार्थियों की सुरक्षा के लिए लोहे की जालियां अनिवार्य रूप से लगाई जावे। मेले में वॉलेंटियर्स तैराको की व्यवस्था करने के निर्देश दिए। इनकी दिन एवं रात्रि के समय में पृथक- पृथक ड्यूटी लगाई जावे। स्थानीय तैराकों को प्रशिक्षण प्रदान किया जावे। तैराकों का चयन अभी से कर लिया जावें जिन्हें प्रशिक्षण लेना है, उनसे सहमति पत्र लिये जावे। जिला कार्यालय से 2 मोटर-वोट की व्यवस्था की जावे। तैराकों की पहचान के लिए गणवेश प्रदान की जावे उनका ड्यूटी स्थान चयन किया जावें तथा सूची मेला कार्यालय में रखी जावें। मेला अवधि में दोनों तटों से संचालित होने वाली नाव को विधिवत पूर्व अनुमति दी जावे, जिसमें आवश्यक सुरक्षात्मक उपायों व निर्धारित यात्रियों की संख्या की शर्ते लागू की जावे। नाव संचालको के पास लाईफ जैकेट, नाव संचालन का प्रमाण पत्र एवं सीमा निर्धारण की अनुमति लेना अनिवार्य है। मेला स्थल के साथ- साथ सतधारा, सूरजकुण्ड आदि स्थलों पर होमगार्ड की ड्यूटी लगाई जावे। मेला स्थल के अलावा अन्य घाटो पर कोटवारो की ड्यूटी लगाई जाकर सूचना मेला कंट्रोलरूम/थाना में दी जावे।
      बैठक में निर्देश दिए गए कि 14, 15 व 16 जनवरी और नर्मदा जयंती पर गुणवत्तापूर्ण क्लोज सर्किट कैमरा लगाए जावें। तैराक दल एवं एसडीआरएफ दल का पर्यवेक्षण कार्य किया जावे। जहां आवश्यक हो वहां मजबूत बैरीकेट का व्यवस्था की जावे। मेला प्रांगण तथा जहां वाहन प्रतिबंधित क्षेत्र बनाया जावें, उसमें वाहनों का प्रवेश पूर्णरूप से प्रतिबंधित किया जावे। मेला स्थल में आवश्यकतानुसार सीसीटीव्ही कैमरा लगाये जाएं। सम्पूर्ण मेला अवधि तक फायर- बिग्रेड की व्यवस्था की जावे। कानून व्यवस्था के संबंध में संपूर्ण मेला अवधि के लिए कार्यपालिक दंडाधिकारियों की ड्यूटी लगाई जाये। बरमान घाट के अतिरिक्त अन्य घाटों पर मकर संक्रांति, नर्मदा जयंती आदि पर्व पर कानून व्यवस्था के लिए कार्यपालिक दण्डाकारी की ड्यूटी लगाई जावे। इसके अलावा अवैध बसों का संचालन तथा अवैध वसूली पर रोक लगाने के निर्देश दिए गए। बरगी बांध से जल छोड़े जाने के पूर्व सूचना देने के लिए पत्र लिखा जावे। जल स्तर की जानकारी प्रतिदिन बरमान मेला समिति को उपलब्ध कराई जावे। मेला स्थल पर श्रद्धालुओं के लिये पर्याप्त चिकित्सकों की ड्यूटी आवश्यक औषधि के साथ लगाई जाये।
      बैठक में निर्देश दिए गए कि विभिन्न विभागों द्वारा संचालित योजनाओं तथा उत्कृष्ट कार्यों की प्रदर्शनी मेला स्थल पर 12 जनवरी से 20 जनवरी तक लगाई जावे। मेला अवधि के दौरान सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जावे।
      बैठक के पश्चात विधायक, कलेक्टर, जिला पंचायत उपाध्यक्ष व सीईओ जिला पंचायत ने स्वच्छता साथी को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।

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