ABHAY WANI

The Voice of Truth | Trusted News of Madhya Pradesh

भोजशाला विवाद पर सुप्रीम कोर्ट का अहम आदेश, पूजा-नमाज के लिए तय हुआ समय

धार (मध्य प्रदेश)।
मध्य प्रदेश के धार जिले में स्थित ऐतिहासिक भोजशाला को लेकर लंबे समय से चल रहे विवाद पर ने महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है। शीर्ष अदालत ने बसंत पंचमी के अवसर पर 23 जनवरी को पूजा और नमाज को लेकर समयबद्ध व्यवस्था तय करने के निर्देश दिए हैं।
कोर्ट के आदेश के अनुसार, बसंत पंचमी के दिन हिंदू समाज को दोपहर 12 बजे तक पूजा-अर्चना की अनुमति दी जाएगी। इसके बाद निर्धारित समय पर जुमे की नमाज अदा की जाएगी। वहीं शाम 4 बजे से दोबारा हिंदू समाज को पूजा करने की छूट होगी। अदालत ने स्पष्ट किया है कि नमाज के बाद पूजा पर किसी भी प्रकार की रोक नहीं रहेगी।
संतुलन के आधार पर लिया गया निर्णय
दरअसल, हिंदू पक्ष की ओर से 20 जनवरी को याचिका दायर कर बसंत पंचमी के दिन पूरे समय अखंड सरस्वती पूजा की अनुमति मांगी गई थी। गुरुवार को इस याचिका पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने दोनों समुदायों के धार्मिक अधिकारों को ध्यान में रखते हुए संतुलित समाधान अपनाया।
याचिकाकर्ता पक्ष की ओर से दलील दी गई कि इस वर्ष बसंत पंचमी और शुक्रवार एक ही दिन पड़ रहे हैं, ऐसे में पूरे दिन पूजा की अनुमति मिलनी चाहिए। हालांकि अदालत ने किसी एक पक्ष के अधिकारों को सीमित करने के बजाय समय विभाजन को ही उचित माना।
पहले भी बन चुके हैं तनाव के हालात
भोजशाला परिसर में पूजा और नमाज को लेकर पहले भी कई बार विवाद की स्थिति उत्पन्न हो चुकी है। वर्ष 2006, 2013 और 2016 में भी जब बसंत पंचमी शुक्रवार को पड़ी थी, तब तनावपूर्ण हालात देखने को मिले थे। इसी को ध्यान में रखते हुए इस बार प्रशासन पूरी तरह सतर्क नजर आ रहा है।
सुरक्षा व्यवस्था बेहद कड़ी
कोर्ट के फैसले के बाद और आसपास के क्षेत्रों में सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए हैं। परिसर में 24 घंटे पुलिस बल की तैनाती की गई है। वॉच टावर, अतिरिक्त चौकियां और जिग-जैग बैरिकेडिंग के जरिए प्रवेश व्यवस्था नियंत्रित की जा रही है।
ड्रोन और AI से होगी निगरानी
धार जिले में लगभग 8 हजार पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है, जिनमें से आधा बल पहले ही मौके पर पहुंच चुका है। इंदौर रेंज के आईजी के अनुसार, सीसीटीवी कैमरे, ड्रोन और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस तकनीक की मदद से हर गतिविधि पर नजर रखी जाएगी।
भोजशाला के 300 मीटर के दायरे को नो-फ्लाई जोन घोषित किया गया है। ड्रोन, यूएवी, पैराग्लाइडिंग और हॉट एयर बैलून जैसी गतिविधियों पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। इसके अलावा भारी वाहनों के लिए ट्रैफिक डायवर्जन प्लान भी लागू किया गया है।
शांति और सौहार्द बनाए रखने पर जोर
प्रशासन का कहना है कि सभी व्यवस्थाएं शांति, कानून-व्यवस्था और आपसी सौहार्द बनाए रखने के उद्देश्य से की गई हैं, ताकि बसंत पंचमी पर पूजा-अर्चना और जुमे की नमाज दोनों ही धार्मिक गतिविधियां शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो सकें।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *