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डायरिया पर पीएचई का बड़ा अभियान -10 गांवों में हैंडपंप दुरुस्त, क्लोरीनीकरण से पेयजल किया संक्रमण मुक्त । .छह विकासखंडों में युद्धस्तर पर कार्रवाई, जलजनित बीमारियों की रोकथाम के लिए ग्रामीणों को बरतने होंगे ये जरूरी एहतियात।

बालाघाट 

अभयवाणी न्यूज

जिले में डायरिया के बढ़ते खतरे को देखते हुए लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी (पीएचई) विभाग ने व्यापक स्तर पर विशेष अभियान शुरू कर दिया है।

ग्रामीण क्षेत्रों में शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने और जलजनित बीमारियों की रोकथाम के उद्देश्य से गुरुवार, 9 जुलाई को विभाग की टीम ने छह विकासखंडों के 10 गांवों में पहुंचकर खराब हैंडपंपों की मरम्मत करने के साथ सभी सक्रिय जल स्रोतों का क्लोरीनीकरण कराया।

अभियान के तहत बालाघाट, वारासिवनी, खैरलांजी, किरनापुर, लांजी और लालबर्रा विकासखंड के ग्राम सरण्डी, नांदगांव, मुरझड़, मोहझरी, बिंझलगांव, नीमदेवाड़ा, निलजी, पुलपुट्टा, नैतरा और रोशना में तकनीकी अमले ने पेयजल व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया। जहां भी हैंडपंप खराब मिले, उन्हें तत्काल सुधारकर चालू कराया गया ताकि ग्रामीणों को स्वच्छ पेयजल के लिए किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।
डायरिया की रोकथाम को प्राथमिकता देते हुए विभाग ने सभी संचालित हैंडपंपों में ‘जर्मेक्स’ के माध्यम से क्लोरीनीकरण भी कराया। विभागीय अधिकारियों के अनुसार क्लोरीनीकरण से पानी में मौजूद हानिकारक जीवाणु और रोगाणु नष्ट होते हैं, जिससे डायरिया सहित अन्य जलजनित बीमारियों के फैलने की आशंका काफी कम हो जाती है।
अभियान के दौरान ग्रामीणों को स्वास्थ्य एवं स्वच्छता के प्रति भी जागरूक किया गया। विभाग ने लोगों से अपील की कि वे पीने के पानी को छानकर अथवा उबालकर ही उपयोग करें, पानी के बर्तनों को हमेशा ढंककर रखें तथा आसपास साफ-सफाई बनाए रखें। इससे संक्रमण फैलने की संभावना को प्रभावी ढंग से रोका जा सकता है।
पीएचई विभाग ने स्पष्ट किया है कि ‘डायरिया रोको अभियान’ आने वाले दिनों में जिले के अन्य ग्रामीण क्षेत्रों में भी लगातार जारी रहेगा। विभाग का उद्देश्य प्रत्येक गांव तक सुरक्षित और स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराकर जलजनित बीमारियों पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करना है।

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