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कलेक्टर ने स्वास्थ्य एवं महिला बाल विकास विभाग की बैठक लेकर योजनाओं की प्रगति पर जताई गंभीरता।

बालाघाट

कलेक्टर श्री मृणाल मीना ने 09 अप्रैल को स्वास्थ्य विभाग एवं महिला एवं बाल विकास विभाग के अधिकारियों की संयुक्त बैठक लेकर विभागीय योजनाओं की प्रगति की गहन समीक्षा की।

बैठक में योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन में तेजी लाने के निर्देश दिए गए।

बैठक में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री अभिषेक सराफ, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. परेश उपलप, सिविल सर्जन डॉ. निलय जैन, महिला एवं बाल विकास विभाग की जिला कार्यक्रम अधिकारी श्रीमती दीपमाला मंगोदिया सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।

   👉      कुपोषण मुक्त अभियान पर विशेष जोर
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बैठक में महिला एवं बाल विकास विभाग की योजनाओं की समीक्षा करते हुए कलेक्टर श्री मीना ने आंगनवाड़ी केंद्रों में बच्चों को कुपोषण से मुक्त करने के लिए विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि एसएएम (गंभीर कुपोषित) श्रेणी के बच्चों की पहचान कर उनका समुचित उपचार सुनिश्चित किया जाए। इसके लिए सभी आंगनवाड़ी केंद्रों में नियमित रूप से बच्चों का वजन लिया जाए।

चिन्हित बच्चों को पोषण आहार उपलब्ध कराने के साथ ही जरूरत अनुसार पोषण पुनर्वास केंद्रों में भर्ती कराया जाए। साथ ही एसएएम एवं एमएएम श्रेणी के बच्चों तथा कुपोषण से मुक्त हो चुके बच्चों की निगरानी पोषण ट्रैकर ऐप के माध्यम से अनिवार्य रूप से की जाए।
  👉    बच्चों के पंजीयन और प्री-स्कूल शिक्षा पर निर्देश
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कलेक्टर ने सभी आंगनवाड़ी केंद्रों में 3 से 6 वर्ष तक के बच्चों का शत-प्रतिशत पंजीयन सुनिश्चित करने और उन्हें स्कूल पूर्व शिक्षा प्रदान करने के निर्देश दिए।
परसवाड़ा के सीडीपीओ का कार्य संतोषजनक न पाए जाने पर उनका एक वार्षिक वेतन वृद्धि (इन्क्रीमेंट) रोकने के निर्देश भी दिए गए।
इसके साथ ही एमएमबास्क के तहत डिस्चार्ज बच्चों की रिकवरी की स्थिति की समीक्षा करते हुए निर्देश दिए कि यदि किसी बच्चे का वजन तीन सप्ताह तक समान रहता है तो उसकी विशेष जांच कराई जाए, ताकि गलत रिपोर्टिंग की संभावना न रहे।
 👉     गर्भवती महिलाओं की नियमित जांच पर जोर
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स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा के दौरान कलेक्टर ने निर्देश दिए कि गर्भधारण होते ही महिलाओं की एएनसी (एंटीनटल चेकअप) जांच अनिवार्य रूप से की जाए और उसकी जानकारी पोर्टल पर दर्ज की जाए।
सभी बीएमओ को निर्देशित किया गया कि वे सार्थक ऐप पर नियमित उपस्थिति दर्ज करें, अन्यथा उनके विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।
कलेक्टर श्री मीना ने स्पष्ट किया कि👇
 योजनाओं के क्रियान्वयन में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और सभी अधिकारी निर्धारित लक्ष्यों को समय पर पूरा करें।

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