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कलेक्टर ने स्वास्थ्य, महिला बाल विकास एवं आयुष विभाग की बैठक लेकर योजनाओं की समीक्षा की

बालाघाट 

कलेक्टर श्री मृणाल मीना की अध्यक्षता में 09 जनवरी को स्वास्थ्य, महिला एवं बाल विकास तथा आयुष विभाग के अधिकारियों की समीक्षा बैठक आयोजित की गई।

बैठक में संबंधित विभागों की योजनाओं की विस्तार से समीक्षा करते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।

बैठक में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी

श्री अभिषेक सराफ, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. परेश उपलप, सिविल सर्जन डॉ. निलय जैन, महिला एवं बाल विकास विभाग की जिला कार्यक्रम अधिकारी श्रीमती दीपमाला मंगोदिया, जिला आयुष अधिकारी डॉ. मिलिंद चौधरी सहित सभी बीएमओ, डीपीएम, बीपीएम एवं बाल विकास परियोजना अधिकारी उपस्थित रहे।

आंगनवाड़ी केंद्रों की समीक्षा
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बैठक में आंगनवाड़ी केंद्रों के माध्यम से संचालित योजनाओं की समीक्षा करते हुए निर्देश दिए गए कि प्रत्येक माह 11 से 20 तारीख तक बच्चों के वजन लेने के अभियान के दौरान अतिकुपोषित (SAM) बच्चों पर विशेष ध्यान दिया जाए। ऐसे बच्चों को पोषण पुनर्वास केंद्रों में भर्ती कराकर उपचार सुनिश्चित किया जाए।
कलेक्टर श्री मीना ने कहा कि बाल विकास परियोजना अधिकारियों को प्रतिमाह कम से कम 24 आंगनवाड़ी केंद्रों का निरीक्षण अनिवार्य रूप से करना चाहिए, विशेषकर उन केंद्रों का जहाँ कुपोषित बच्चे चिन्हित किए गए हैं। नियमित स्वास्थ्य परीक्षण के लिए खंड चिकित्सा अधिकारियों से समन्वय कर कार्य करने के निर्देश भी दिए गए।
जिन छोटे ग्रामों में आंगनवाड़ी बच्चों की संख्या 10 से 12 के बीच है तथा कोई भी SAM या MAM श्रेणी का बच्चा नहीं है, उन्हें कुपोषण मुक्त ग्राम घोषित करने के निर्देश दिए गए।
शिक्षा, पोषण एवं योजनाएँ
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कलेक्टर ने निर्देशित किया कि सभी आंगनवाड़ी केंद्र निर्धारित समय पर खुलें, बच्चों को प्राथमिक शिक्षा दी जाए तथा स्मार्ट टीवी का नियमित उपयोग सुनिश्चित किया जाए। बच्चों को मध्याह्न भोजन नियमित रूप से प्रदान करने एवं गर्भवती व धात्री माताओं को टीएचआर वितरण व्यवस्था को सुदृढ़ करने के निर्देश दिए गए।
बैठक में लाडली लक्ष्मी योजना एवं प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना की भी समीक्षा की गई और लक्ष्यों को समयसीमा में पूर्ण करने के निर्देश दिए गए।
स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा
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स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा के दौरान हाई-रिस्क एनीमिक गर्भवती माताओं के सुरक्षित प्रसव हेतु कार्य योजना बनाकर कार्य करने के निर्देश दिए गए। सभी गर्भवती माताओं का अनमोल पोर्टल पर अनिवार्य पंजीयन सुनिश्चित करने को कहा गया।
पोषण पुनर्वास केंद्रों से छुट्टी के बाद कुपोषित बच्चों के फॉलो-अप हेतु महिला बाल विकास विभाग के साथ समन्वय कर निगरानी रखने के निर्देश दिए गए। परसवाड़ा एवं लालबर्रा अस्पताल में नए पोषण पुनर्वास केंद्र खोलने का प्रस्ताव शासन को भेजे जाने की जानकारी भी दी गई।
टीबी मरीजों की पहचान कर शीघ्र उपचार एवं फूड-बास्केट वितरण सुनिश्चित करने तथा टीबी मुक्त पंचायत घोषित करने के निर्देश दिए गए। साथ ही सिकल सेल एनीमिया एवं मलेरिया उन्मूलन की भी समीक्षा की गई।
आयुष विभाग को निर्देश
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आयुष विभाग की समीक्षा के दौरान जिले की सभी आयुष संस्थाओं में चिकित्सक एवं स्टाफ की समय पर उपस्थिति सुनिश्चित करने तथा अनुपस्थित पाए जाने पर वेतन कटौती के निर्देश दिए गए। प्रत्येक आरोग्य संस्था में 5-5 आशा कार्यकर्ताओं का शीघ्र पंजीयन कर उनके कार्य के आधार पर भुगतान सुनिश्चित करने को कहा गया।
जिला आयुष अधिकारी को जिले में निर्माणाधीन आयुष अस्पतालों एवं संस्थाओं के भवनों का नियमित निरीक्षण करने के निर्देश दिए गए।

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