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खैरलांजी (बालाघाट) – ग्राम पंचायत चुटिया में निर्माण कार्यों में अनियमितता एवं शासकीय राशि के कथित गबन का मामला।

बालाघाट

खैरलांजी क्षेत्रान्तर्गत ग्राम पंचायत चुटिया में निर्माण कार्यों में अनियमितता एवं शासकीय राशि के कथित गबन को लेकर ग्रामीणों द्वारा

गंभीर आरोप लगाए गए हैं। ग्राम के निवासी सुरेश पिता भिकारी एवं उनकी पत्नी सुनिता पति सुरेश पिछोड़े ने सरपंच एवं सचिव के विरुद्ध शिकायत दर्ज कराते हुए शासन-प्रशासन से निष्पक्ष जांच एवं कड़ी कार्रवाई की मांग की है।

प्रार्थियों के अनुसार, उनके नाम बिना किसी पूर्व सूचना या सहमति के मस्टरोल (मजदूरी पंजी) में दर्ज कर लिए गए। शिकायत में उल्लेख है कि जिस अवधि में उनके नाम दर्ज किए गए, उस समय वे कथित रूप से गांव से बाहर ईंट निर्माण कार्य में लगे हुए थे। आरोप है कि उनके नाम से स्वीकृत मजदूरी राशि उनके बैंक खातों में जमा कराई गई, जिसे बाद में सरपंच एवं सचिव द्वारा निकलवाकर वापस ले लिया गया।

शिकायतकर्ताओं का दावा है कि उनके नाम पर लगभग ₹43,662 की मजदूरी राशि जमा हुई थी। प्रार्थियों ने इसे शासकीय नियमों के विपरीत बताते हुए इसे कथित वित्तीय अनियमितता करार दिया है। उन्होंने मांग की है कि संबंधित खातों, मस्टरोल अभिलेखों एवं भुगतान प्रक्रिया की गहन जांच कराई जाए।
मामले के साथ-साथ ग्रामीणों ने पंचायत में कराए गए निर्माण कार्यों की गुणवत्ता पर भी प्रश्न उठाए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि कई कार्यों में निर्धारित मानकों एवं तकनीकी गुणवत्ता का पालन नहीं किया गया, जिससे योजनाओं की पारदर्शिता एवं विश्वसनीयता प्रभावित हो रही है। स्थानीय लोगों के अनुसार, निर्माण कार्यों की स्थिति की तकनीकी जांच आवश्यक है ताकि वास्तविक स्थिति सामने आ सके।
प्रार्थियों ने प्रशासन से अपील करते हुए कहा है कि मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के विरुद्ध आवश्यक विधिक कार्रवाई की जाए। उन्होंने यह भी मांग की है कि यदि आरोप प्रथम दृष्टया सही पाए जाते हैं, तो संबंधित पदाधिकारियों को पद से पृथक कर भविष्य में इस प्रकार की अनियमितताओं पर रोक लगाई जाए।
बताया गया है कि इस संबंध में आवेदन पत्र एवं शपथ पत्र संबंधित विभाग को प्रस्तुत किए जा चुके हैं। फिलहाल ग्रामीणों को प्रशासनिक जांच एवं आगे की कार्रवाई का इंतजार है। मामले ने ग्राम स्तर पर शासकीय योजनाओं के क्रियान्वयन एवं निगरानी व्यवस्था पर एक बार फिर सवाल खड़े कर दिए हैं।

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