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‘नारी शक्ति वंदन’ पखवाड़े में गूंजा बाल विवाह मुक्त भारत का संकल्प I जिले भर में जागरूकता अभियान तेज, छात्राओं को कानून और अधिकारों की दी गई जानकारी ।

बालाघाट

जिले में बेटियों को सुरक्षित, शिक्षित और सशक्त बनाने के उद्देश्य से “नारी शक्ति वंदन” पखवाड़ा एवं “बाल विवाह मुक्त भारत अभियान” के तहत व्यापक जन-जागरूकता अभियान संचालित किया जा रहा है। कलेक्टर श्री मृणाल मीणा एवं जिला कार्यक्रम अधिकारी (महिला एवं बाल विकास विभाग) श्रीमती दीपमाला मंगोदिया के मार्गदर्शन में 10 अप्रैल से 25 अप्रैल 2026 तक विभिन्न गतिविधियों का आयोजन किया जा रहा है।

अभियान के अंतर्गत विकासखंड बैहर एवं वारासिवनी के छात्रावासों, विद्यालयों तथा आंगनवाड़ी केंद्रों में विशेष जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए। इनमें कस्तूरबा गांधी बालिका छात्रावास परसामऊ, शासकीय आदिवासी कन्या छात्रावास वारासिवनी,

शासकीय पिछड़ा वर्ग कन्या महाविद्यालय छात्रावास, सांदीपनि शासकीय विद्यालय आमगांव (बैहर) एवं आंगनवाड़ी केंद्र वार्ड क्रमांक 22 प्रमुख रूप से शामिल रहे।

कार्यक्रमों के दौरान केस वर्कर श्रीमती प्रीति हरिनखेड़े एवं यानिता रहांगडाले ने छात्राओं को “नारी शक्ति वंदन अधिनियम” तथा “बाल विवाह निषेध अधिनियम” की विस्तृत जानकारी प्रदान की।

उन्होंने बताया कि बाल विवाह बालिकाओं के स्वास्थ्य, शिक्षा एवं भविष्य पर गंभीर प्रतिकूल प्रभाव डालता है और यह एक दंडनीय अपराध है। इस कुप्रथा को बढ़ावा देने या इसमें शामिल होने वाले व्यक्तियों के विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई का प्रावधान है।

छात्राओं को यह भी अवगत कराया गया कि बाल विवाह रोकने हेतु ब्लॉक एवं जिला स्तर पर विशेष टीमें सक्रिय हैं।

किसी भी संदिग्ध बाल विवाह की सूचना चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 एवं महिला हेल्पलाइन 181 पर दी जा सकती है। अधिकारियों ने समाज के सभी वर्गों से अपील की कि वे इस सामाजिक बुराई को समाप्त करने में सक्रिय भूमिका निभाएं।

अभियान का मुख्य उद्देश्य समाज में सकारात्मक बदलाव लाना एवं बालिकाओं को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक बनाना है, ताकि वे आत्मनिर्भर और सशक्त बन सकें।
उल्लेखनीय है कि “नारी शक्ति वंदन” पखवाड़े का शुभारंभ 10 अप्रैल 2026 को किया गया था, जिसे शासन के निर्देशानुसार जन-उत्सव के रूप में मनाया जा रहा है। इसके अंतर्गत नारी शक्ति पदयात्रा, गोष्ठियां, सेमिनार एवं विशेष ग्राम सभाओं का आयोजन भी किया जा रहा है।
इसी क्रम में शासकीय मॉडल बालिका छात्रावास बैहर, आदिवासी सीनियर बालिका छात्रावास, नेताजी सुभाषचंद्र बोस बालिका छात्रावास एवं शासकीय आदिवासी महाविद्यालयीन कन्या छात्रावास में भी कार्यक्रम आयोजित किए गए, जिनमें वन स्टॉप सेंटर बैहर की टीम की सक्रिय सहभागिता रही।

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