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बालाघाट में कृषि क्रांति की गूंज _ पाँच दिवसीय कृषि मेला संपन्न।

बालाघाट

 कलेक्टर मृणाल मीना के निर्देशन

एवं जिला पंचायत सीईओ अभिषेक सराफ के मार्गदर्शन में किसान कल्याण तथा कृषि विभाग बालाघाट द्वारा कमला नेहरू सामुदायिक भवन में आयोजित पाँच दिवसीय कृषि मेला सह प्रदर्शनी का

12 फरवरी को सफलतापूर्वक समापन हुआ। मेले में जिले के सभी विकासखंडों से प्रतिदिन बड़ी संख्या में किसानों ने सहभागिता करते हुए आधुनिक कृषि तकनीकों एवं शासकीय योजनाओं की विस्तृत जानकारी प्राप्त की।

मेले का मुख्य उद्देश्य किसानों को शासन की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं से जोड़ना, खेती को लाभकारी व्यवसाय के रूप में विकसित करने हेतु प्रेरित करना तथा बदलते कृषि परिदृश्य में नवीन तकनीकों को अपनाने के लिए प्रोत्साहित करना रहा। आयोजन के दौरान कृषि वैज्ञानिकों, विभागीय अधिकारियों, प्रगतिशील कृषकों, युवा उद्यमियों तथा कृषि महाविद्यालयों एवं विश्वविद्यालयों से आए विशेषज्ञों ने किसानों को व्यवहारिक मार्गदर्शन प्रदान किया।
मेले के प्रथम दिवस मिलेट्स रोड शो का आयोजन किया गया, जिसमें श्रीअन्न फसलों — कोदो, कुटकी, रागी आदि — के उत्पादन, पोषण महत्व एवं आर्थिक संभावनाओं पर प्रकाश डाला गया। स्थानीय कृषकों द्वारा उत्पादित मिलेट्स एवं उनसे बने व्यंजनों की प्रदर्शनी आकर्षण का केंद्र रही।
द्वितीय दिवस “एक जिला–एक उत्पाद” अंतर्गत बालाघाट के प्रसिद्ध चिन्नौर धान पर केंद्रित मेला सह प्रदर्शनी आयोजित की गई। विशेषज्ञों ने इसके ऐतिहासिक महत्व, गुणवत्ता, उत्पादन तकनीक, प्रसंस्करण एवं विपणन संभावनाओं पर विस्तार से जानकारी दी।
तृतीय दिवस मिलेट्स मेला सह प्रदर्शनी में उन्नत खेती, बीज बैंक निर्माण, मूल्य संवर्धन एवं बाजार संभावनाओं पर तकनीकी सत्र आयोजित किए गए। मिलेट्स आधारित उत्पादों के स्टॉलों ने किसानों एवं आम नागरिकों का ध्यान आकर्षित किया।
चतुर्थ दिवस राष्ट्रीय तिलहन मिशन एवं ODOP कार्यशाला के तहत तिलहन फसलों के उत्पादन, आधुनिक तकनीकों, प्रसंस्करण तथा स्थानीय स्तर पर तेल उद्योग को बढ़ावा देने पर विशेष चर्चा हुई। युवा उद्यमियों द्वारा पारंपरिक एवं आधुनिक तेल घानी इकाइयों के मॉडल प्रस्तुत किए गए।
पंचम एवं अंतिम दिवस आत्मा अंतर्गत कृषि विज्ञान मेला आयोजित किया गया, जिसमें प्राकृतिक खेती, नरवाई प्रबंधन, जैविक खाद, प्राकृतिक कीटनाशकों एवं कृषि यंत्रों पर उपलब्ध अनुदान योजनाओं की जानकारी दी गई। विशेषकर महिला उद्यमियों द्वारा साझा की गई सफलता कथाओं ने किसानों को प्रेरित किया।
पूरे मेले के दौरान जीवंत प्रदर्शनियों, कार्यशालाओं, सांस्कृतिक कार्यक्रमों, प्रश्नोत्तरी एवं मिलेट्स व्यंजनों के माध्यम से किसानों एवं आम नागरिकों की सक्रिय सहभागिता बनी रही। यह आयोजन जिले के किसानों के लिए ज्ञानवर्धन, तकनीकी नवाचार एवं आयवृद्धि की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के रूप में सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।

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