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राम मंदिर चढ़ावा चोरी: आस्था पर डाका | अभयवाणी


⚡ ब्रेकिंग
राम मंदिर चढ़ावा कांड: 8 गिरफ्तार · चंपत राय का इस्तीफा · SIT जांच जारी · ट्रस्ट 11 जुलाई को बुलाएगा बैठक

🔍 विशेष जांच रिपोर्ट | अयोध्या

राम मंदिर चढ़ावा चोरी:
आस्था के मंदिर में लूट का महाकांड

CCTV में दर्ज 70 चोरियां, 2-3 साल से सक्रिय रैकेट, 8 आरोपी गिरफ्तार, ट्रस्ट के शीर्ष पदाधिकारियों का इस्तीफा — जानिए इस पूरे घोटाले की पूरी कहानी

📅 29 जून 2026
✍️ अभयवाणी विशेष संवाददाता
📍 अयोध्या / लखनऊ
⏱️ पढ़ने का समय: 8 मिनट

📊 एक नज़र में — मुख्य तथ्य

70+
CCTV में दर्ज चोरी की घटनाएं

8
आरोपी गिरफ्तार (FIR में नामजद)

₹7-7.5 Cr
कथित गबन (SP विधायक का दावा)

2-3 साल
रैकेट सक्रिय रहने की अवधि (SIT अनुमान)

₹79 लाख
आरोपियों से बरामद नकद राशि

20 पन्ने
SIT की प्रारंभिक जांच रिपोर्ट

🕌 पृष्ठभूमि: आस्था का केंद्र, अब विवादों में

जनवरी 2024 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हाथों भव्य प्राण प्रतिष्ठा के साथ अयोध्या का श्रीराम जन्मभूमि मंदिर हिंदुस्तान की आस्था का सबसे बड़ा केंद्र बन गया। देशभर से लाखों श्रद्धालु प्रतिदिन रामलला के दर्शन को आते हैं और अपनी श्रद्धा के रूप में नकद, आभूषण, सोना-चांदी और अन्य मूल्यवान वस्तुएं भेंट स्वरूप अर्पित करते हैं। वर्ष 2024-25 में मंदिर ट्रस्ट की कुल आमदनी 327 करोड़ रुपये रही, जिसमें से 153 करोड़ रुपये चढ़ावे के रूप में प्राप्त हुए।

लेकिन अब इसी पवित्र मंदिर से एक ऐसा घोटाला सामने आया है जिसने करोड़ों भक्तों को स्तब्ध कर दिया है। जिन लोगों को इस चढ़ावे की सुरक्षा की जिम्मेदारी दी गई थी, वही लोग सालों से भगवान राम की धनराशि पर हाथ साफ कर रहे थे। यह महज एक साधारण चोरी नहीं, बल्कि एक सुनियोजित रैकेट था जो 2-3 वर्षों से चुपचाप सक्रिय था।

🔎 कैसे पकड़ा गया रैकेट?

मई 2026 के अंतिम सप्ताह में राम मंदिर ट्रस्ट के पदाधिकारियों ने बैंक में जमा होने वाली राशि का ब्यौरा देखा तो पाया कि दानपेटियों में औसत से काफी कम चढ़ावा आ रहा है। इसी संदेह के आधार पर ट्रस्ट ने उस गणना कक्ष में — जहां दान पेटियां खोलकर नोटों की गिनती होती थी — हिडन कैमरे लगवा दिए। इन कैमरों में जो दृश्य कैद हुए, उन्होंने पूरे प्रशासनिक तंत्र को हिलाकर रख दिया।

CCTV फुटेज में चोरी की 70 से अधिक घटनाएं दर्ज हुईं। इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य, गवाहों के बयान और आरोपियों से पूछताछ के आधार पर SIT ने अपनी 20 पन्नों की रिपोर्ट तैयार की और राज्य सरकार को सौंपी।

“सीसीटीवी फुटेज में चढ़ावा चोरी की 70 घटनाएं दर्ज हुई हैं और यह रैकेट पिछले दो से तीन वर्षों से संचालित हो रहा था।”

— SIT की 20 पन्नों की प्रारंभिक जांच रिपोर्ट, जून 2026

📅 घटनाक्रम: कब-क्या हुआ?

जनवरी 2024
राम मंदिर का उद्घाटन
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अयोध्या में राम मंदिर का भव्य उद्घाटन किया। देशभर से श्रद्धालुओं का तांता लगना शुरू हुआ।

सितं. 2024 & फर. 2025
SOP तैयार, लेकिन अनदेखी
ट्रस्ट और SBI के बीच चढ़ावा गणना प्रक्रिया को लेकर मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) बनाई गई। दोनों पक्षों ने दस्तखत किए, पर बाद में इसका पालन नहीं हुआ।

मई 2026
संदेह और हिडन कैमरे
ट्रस्ट को बैंक जमा राशि में अनियमितता का संदेह हुआ। गणना कक्ष में गुप्त कैमरे लगाए गए। फुटेज ने सबकुछ उजागर कर दिया।

7 जून 2026
विधायक ने उठाया मामला
SP के पूर्व विधायक पवन पांडे ने सार्वजनिक रूप से 7-7.5 करोड़ रुपये गबन का आरोप लगाया। राजनीतिक भूचाल आया।

9 जून 2026
CBI जांच की मांग
BJP नेता डॉ. रजनीश सिंह ने PM को चिट्ठी लिखकर CBI जांच की मांग की। PMO ने ट्रस्ट से रिपोर्ट मांगी।

जून मध्य 2026
SIT गठन और जांच
योगी सरकार ने SIT गठित की। टीम 6 दिन अयोध्या में डेरा डालकर जांच के बाद लखनऊ लौटी और 20 पन्नों की रिपोर्ट सौंपी।

26 जून 2026
FIR और 8 गिरफ्तारियां
राम जन्मभूमि थाने में 8 नामजद आरोपियों के विरुद्ध FIR दर्ज। सभी गिरफ्तार। ₹79 लाख से अधिक नकद बरामद।

26 जून 2026
चंपत राय और अनिल मिश्रा का इस्तीफा
RSS-BJP और PMO के दबाव में ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय और ट्रस्टी डॉ. अनिल मिश्रा ने पद छोड़ा।

11 जुलाई 2026
ट्रस्ट की महत्वपूर्ण बैठक
ट्रस्ट पुनर्गठन पर निर्णय होगा। विहिप महामंत्री बजरंग लाल बागड़ा चंपत राय की जगह ले सकते हैं।

👥 8 आरोपी — कौन हैं और क्या था इनका रोल?

SIT जांच और FIR के अनुसार ये आठ आरोपी मुख्यतः चढ़ावा गणना, दानपात्र से गणना कक्ष तक राशि पहुंचाने और उसकी निगरानी जैसे महत्वपूर्ण कार्यों से जुड़े थे:

रमाशंकर यादव उर्फ टिन्नू
चंपत राय का ड्राइवर व करीबी
दानपात्र की देखरेख और बेसमेंट तक पहुंचाने की जिम्मेदारी। बिना आदेश के हुंडियों की चाबी इसके पास थी। करोड़ों की संपत्ति बनाई।

अनुकल्प मिश्रा
कैश काउंटिंग टीम सदस्य
अनिल मिश्रा का रिश्तेदार। गिनती के दौरान पैसे चुराकर बाथरूम में छिपाता था। करोड़ों की संपत्ति।

लवकुश मिश्रा
कैश काउंटिंग टीम सदस्य
अनिल मिश्रा का रिश्तेदार। घर से 12 लाख रुपये नकद बरामद।

सुभाष चंद्र श्रीवास्तव
गणना प्रक्रिया इंचार्ज
SIT ने इसे साजिश में सबसे अहम भूमिका निभाने वाला बताया। अन्य लोगों को नेटवर्क से जोड़ा।

मनीष यादव
कैश काउंटिंग टीम सदस्य
टिन्नू यादव का भतीजा। CCTV में कई बार चोरी करते दिखा। घर से 36 लाख रुपये नकद बरामद।

करुणेश पांडेय
दानपात्र से गणना कक्ष ड्यूटी
चोरी के पैसों से अयोध्या व आसपास जमीन खरीदी।

अविनाश शुक्ल
दानपात्र से गणना कक्ष ड्यूटी
बैंक खाते से 5 लाख रुपये बरामद। दान राशि में गड़बड़ी का आरोप।

रमाशंकर मिश्रा
दान निगरानी कर्मी
दान राशि को गणना कक्ष तक लाने और निगरानी का काम। गबन में भागीदारी का आरोप।

📋 SIT रिपोर्ट के चौंकाने वाले खुलासे

SIT ने अपनी 20 पन्नों की रिपोर्ट में कई गंभीर खुलासे किए हैं। CCTV फुटेज में चढ़ावा चोरी की 70 से अधिक घटनाएं दर्ज हुई हैं। यह रैकेट पिछले दो से तीन वर्षों से सक्रिय था।

💰 चढ़ावे में गिरावट — संख्याएं बोलती हैं

दैनिक भास्कर की रिपोर्ट के अनुसार यह आंकड़े चिंताजनक हैं: 2020 से 2024 के बीच रोज औसतन ₹2.43 करोड़ का चढ़ावा आता था। 2024-25 में यह घटकर मात्र ₹36 लाख प्रतिदिन रह गया। और 2025-26 में तो और भी नीचे — केवल ₹16.6 लाख प्रतिदिन। यह गि

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