ABHAY WANI

The Voice of Truth | Trusted News of Madhya Pradesh

एसएसपी महाविद्यालय वारासिवनी में स्टार्टअप कार्यशाला, युवाओं को स्वरोजगार का मिला मंत्र।

         प्रहलाद गजभिये( जिला ब्युरो )

बालाघाट

 शासकीय शंकरसाव पटेल महाविद्यालय, वारासिवनी में स्वामी विवेकानंद कैरियर मार्गदर्शन प्रकोष्ठ के तत्वावधान में “स्टार्टअप एवं उद्यमिता” विषय पर एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया।

कार्यशाला का उद्देश्य विद्यार्थियों में उद्यमिता की भावना विकसित करना तथा उन्हें स्वरोजगार और नवाचार के प्रति प्रेरित करना था।

कार्यक्रम का शुभारंभ माँ सरस्वती के चित्र के समक्ष दीप प्रज्ज्वलन एवं माल्यार्पण के साथ किया गया। मुख्य अतिथि डॉ. गोरखनाथ भुरे ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि आज के प्रतिस्पर्धी दौर में केवल नौकरी पर निर्भर रहने के बजाय नवाचार और उद्यमिता को अपनाकर आत्मनिर्भर बनना समय की आवश्यकता है। उन्होंने विद्यार्थियों से अपने कौशल और रचनात्मक सोच का उपयोग कर नए रोजगार के अवसर सृजित करने का आह्वान किया।
विशिष्ट अतिथि डॉ. श्रीवास्तव ने युवाओं को प्रेरित करते हुए कहा कि वर्तमान समय में युवाओं का लक्ष्य केवल रोजगार प्राप्त करना नहीं, बल्कि रोजगार उपलब्ध कराने वाला बनना होना चाहिए। उन्होंने स्टार्टअप संस्कृति को देश के आर्थिक विकास और आत्मनिर्भर भारत की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया।
महाविद्यालय के प्रभारी प्राचार्य डॉ. एस.एस. गेडाम ने अपने उद्बोधन में कहा कि स्वरोजगार आज के युवाओं के लिए बेहतर और स्थायी विकल्प बनकर उभरा है। उन्होंने विद्यार्थियों से शासन की विभिन्न स्टार्टअप एवं स्वरोजगार योजनाओं का लाभ उठाने तथा अपने नवाचारों को व्यवसाय में बदलने का प्रयास करने का आग्रह किया।
कार्यक्रम में डॉ. रक्षा निकोसे, श्री हेमंत कुमार गणवीर, श्री कृष्णा पराते, डॉ. योगेश बिसेन, कु. नेहा मरसकोले एवं श्री हिमांशु गुरदे सहित महाविद्यालय के प्राध्यापक एवं बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित रहे। कार्यशाला का संचालन प्रो. नरेंद्र कुमार डोंगे ने किया।
कार्यशाला के दौरान विद्यार्थियों को स्टार्टअप की अवधारणा, उद्यम स्थापना की प्रक्रिया, व्यवसायिक अवसरों की पहचान, सरकारी योजनाओं, वित्तीय सहायता तथा सफल उद्यमी बनने के आवश्यक कौशलों की जानकारी दी गई। विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता करते हुए विशेषज्ञों से विभिन्न विषयों पर प्रश्न पूछे और उद्यमिता के क्षेत्र में अपने भविष्य की संभावनाओं पर चर्चा की।
इस अवसर पर वक्ताओं ने कहा कि बदलते समय में नवाचार, आत्मविश्वास और उद्यमशील सोच ही युवाओं को सफलता की नई ऊँचाइयों तक पहुंचा सकती है। कार्यशाला ने विद्यार्थियों में आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को मजबूत करने के साथ-साथ स्वरोजगार की दिशा में सकारात्मक सोच विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *